रायपुर। महंगाई भत्ता और होम अनाउंस को लेकर 5 दिन के आंदोलन में सरकार द्वारा कोई वार्ता ना कर वेतन कटौती से नाराज प्रदेश के लाखों कर्मचारियों ने 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन करने का निर्णय लिया है। इसकी सूचना सोमवार 1 अगस्त को मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन अमिताभ जैन को सौंपी जाएगी। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का वेतन काटने के सरकार के आदेश जारी होने के बाद कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर लगाया आरोप लगाते हुए कहा कि, यह आदेश पूर्णता तानाशाही रवैया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पाच दिविसीय वेतन काटने से वे नहीं डरने वाले, अब कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जायेगा, और आर पार की लड़ाई होगी.। उनका कहना है कि, अन्य राज्यों में कांग्रेस शासित राज्य हो या भाजपा शासित राज्य हो सभी में देख लीजिए महंगाई भत्ता के मामले में छत्तीसगढ़ सबसे पीछे है।