नई दिल्ली :– भारत को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) मिल गया है। जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने 31 मई को देश के तीसरे CDS के रूप में कार्यभार संभाल लिया। साउथ ब्लॉक में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने जनरल अनिल चौहान की जगह ली है, जो 30 मई को रिटायर हुए। कार्यभार संभालते ही जनरल सुब्रमणि ने साफ किया कि उनके नेतृत्व में भारतीय सशस्त्र बलों का मुख्य फोकस “JAI” यानी Jointness, Atmanirbharta और Innovation पर रहेगा। रक्षा मामलों के जानकार उन्हें भारतीय सेना के सबसे अनुभवी और रणनीतिक अधिकारियों में गिनते हैं।
जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का सैन्य करियर 40 साल से भी ज्यादा लंबा और बेहद शानदार रहा है। उन्हें 14 दिसंबर 1985 को गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला था। उन्होंने असम में ‘ऑपरेशन राइनो’ के दौरान उग्रवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया और जम्मू-कश्मीर से लेकर पश्चिमी सीमा तक कई बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनल जिम्मेदारियां संभालीं। वे 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड, 17 माउंटेन डिवीजन और भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फोर्स ‘II कोर’ की कमान भी संभाल चुके हैं। सेना के भीतर उन्हें कठिन परिस्थितियों में निर्णायक नेतृत्व देने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है।
जनरल सुब्रमणि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने ब्रिटेन के Joint Services Command and Staff College और नई दिल्ली के National Defence College से भी उच्च सैन्य प्रशिक्षण लिया है। उनके पास किंग्स कॉलेज लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास विश्वविद्यालय से डिफेंस स्टडीज में M.Phil की डिग्री भी है। अपने करियर में वे कजाखस्तान में रक्षा अताशे, सैन्य खुफिया के उप महानिदेशक, राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर और सेना मुख्यालय में कई अहम पदों पर रह चुके हैं।
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM), सेना पदक (SM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और पाकिस्तान से जुड़े मौजूदा सुरक्षा हालात के बीच जनरल सुब्रमणि का अनुभव भारतीय सेना के लिए बेहद अहम साबित होगा।
बता दें कि मोदी सरकार ने 2020 में तीनों सेनाओं—थल सेना, नौसेना और वायुसेना—के बीच बेहतर तालमेल के लिए CDS पद का गठन किया था। जनरल बिपिन रावत देश के पहले CDS बने थे। उनके बाद जनरल अनिल चौहान ने यह जिम्मेदारी संभाली और अब जनरल एनएस राजा सुब्रमणि भारत के तीसरे CDS बन गए हैं।
