बालोद/भारत आस्थाओ का देश हैं जहां इंसान तो इंसान जानवरो तक की पूजा होती हैं ऐसी ही एक पूजा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बालोद जिले में की उन्होनें कुत्ते की समाधी पर बने मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली व समृध्दी की कामना की यह मंदिर कुकर देव के नाम से प्रसिध्द हैं भूपेश बघेल की यह पूजा अर्चना अब मीडिया व सोशल साइड में चर्चा में हैं। बघेल इन दिनों लोगों से भेंट मुलाकात कर रहें हैं और इलाके के प्रसिध्द मंदिरों में पूजा पाठ भी कर रहे हैं बालोद कुकर देव की यह पूजा भी उसी का भाग हैं।

कहा जाता हैं यह कुत्ता स्वामीभक्त था जिसने मालिक की वफादारी के कारण जान गंवाई थी इलाके में प्रचलित कहानी के मुताबिक बालोद के खपरी में बंजारों की एक बस्ती थी जहां एक बंजारे के पास कुत्ता था कालांतर में भीषण अकाल पड़ा तो बंजारे ने कुत्ते को एक मालगुजार के पास गिरवी रख दिया एक रात मालगुजार के घर चोरी हुई कुत्ते ने चोरों का पीछा किया और धन छुपाने की जगह को देख कर वह माल गुजार को उसी जगह ले गया जिससे मालगुजार बहुत खुश हुआ और उसने कुत्ते के गले में इस वफादारी का वृतांत एक पत्र में लिख कर उसके गले में बांध कर मुक्त कर दिया जिसके बाद कुत्ता पुराने मालिक बंजारे के पास पहुंच गया जिसने समझा कि वह मालगुजार को छोड़कर भाग आया हैं और गुस्से में उसने कुत्ते को मार डाला मौत के बाद बंजारे ने पत्र को खोल कर पढा़ तो उसे कुत्ते की स्वामी भक्ति व वफादारी का एहसास हुआ और उसने कुत्ते की याद में उसकी एक समाधि बना दी जो बाद में जिस पर फणी नागवंशीय राजाओं ने 14 वीं 15 वीं शताब्दी मे एक मन्दिर बनवा दिया जिसे कुकरदेव मंदिर के रुप में जाना जाता हैं । मुख्यमंत्री ने इसी मन्दिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।