Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Home » बस्तर और सरगुजा सहित जनजातीय एवं दूरस्थ अंचलों के युवाओं तक पहुंचे विश्वस्तरीय वैज्ञानिक शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ सीएम साय…
    समाचार

    बस्तर और सरगुजा सहित जनजातीय एवं दूरस्थ अंचलों के युवाओं तक पहुंचे विश्वस्तरीय वैज्ञानिक शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ सीएम साय…

    By Tv36 HindustanNovember 4, 2026No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp VKontakte Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    छत्तीसगढ़:- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ ज्ञान, विज्ञान, तकनीक और नवाचार की शक्ति से समृद्ध बनाना राज्य सरकार का संकल्प है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को केवल औद्योगिक और आर्थिक विकास में ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान, उच्च शिक्षा, आधुनिक प्रौद्योगिकी और चिकित्सा नवाचार के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध खनिज संपदा, ऊर्जा संसाधनों, औद्योगिक संभावनाओं और प्रतिभाशाली मानव संसाधन को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़कर विकास का एक नया अध्याय लिखा जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु के निदेशक प्रोफेसर जी. रंगराजन एवं संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिकों तथा राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में छत्तीसगढ़ को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और चिकित्सा अनुसंधान के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान भारतीय विज्ञान संस्थान और छत्तीसगढ़ शासन के बीच तीन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर संभावित सहयोग, आवश्यक वैज्ञानिक अधोसंरचना, संस्थागत व्यवस्थाओं और क्रियान्वयन की प्रारंभिक रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय विज्ञान संस्थान के निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिकों का छत्तीसगढ़ आगमन पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय विज्ञान संस्थान देश ही नहीं, विश्व के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थानों में शामिल है। इसकी विशेषज्ञता, अनुसंधान क्षमताओं और शैक्षणिक अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों, उद्योगों, स्वास्थ्य सेवाओं और विशेष रूप से युवाओं को मिलना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष अनुसंधान, डिजिटल नवाचार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी उत्कृष्टता और उच्च कौशलयुक्त मानव संसाधन की निर्णायक भूमिका होगी। छत्तीसगढ़ भी इसी राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसी विश्वस्तरीय वैज्ञानिक और शैक्षणिक अधोसंरचनाएं विकसित करना चाहती है, जिनका लाभ केवल वर्तमान पीढ़ी तक सीमित न रहे, बल्कि आने वाली अनेक पीढ़ियों को प्राप्त हो। विज्ञान और अनुसंधान में निवेश प्रदेश के दीर्घकालिक विकास, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य में निवेश है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि भारतीय विज्ञान संस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता का लाभ केवल बड़े शहरों और प्रमुख शिक्षण संस्थानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के ग्रामीण, जनजातीय और दूरस्थ अंचलों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इन प्रतिभाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाओं, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और तकनीकी प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारतीय विज्ञान संस्थान के साथ सहयोग की सभी संभावनाओं का गंभीरता से परीक्षण किया जाए। प्रस्तावित परियोजनाओं की तकनीकी, वित्तीय एवं संस्थागत व्यवहार्यता का अध्ययन कर ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि इन पहलों को व्यावहारिक स्वरूप दिया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार से संबंधित इन महत्वपूर्ण प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

    तीन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से तैयार होगा वैज्ञानिक और तकनीकी विकास का नया आधार

    बैठक में भारतीय विज्ञान संस्थान और छत्तीसगढ़ शासन के बीच तीन प्रमुख परियोजनाओं पर सहयोग की संभावनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इनमें प्रदेश में विश्वस्तरीय मटेरियल कैरेक्टराइजेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी की स्थापना, विज्ञान एवं गणित के उत्कृष्ट शिक्षक तैयार करने के लिए चार वर्षीय एकीकृत बीएससी-बीएड संस्थान का विकास तथा आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय विज्ञान संस्थान के मेडिकल स्कूल की विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ तक पहुंचाना शामिल है।
    इन प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में अत्याधुनिक वैज्ञानिक अधोसंरचना विकसित करने, गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, अनुसंधान आधारित औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की संभावनाओं पर विचार किया गया।

    विश्वस्तरीय मटेरियल कैरेक्टराइजेशन एवं टेस्टिंग सेंटर से उद्योगों और अनुसंधान संस्थानों को मिलेगी नई शक्ति

    बैठक में छत्तीसगढ़ में विश्वस्तरीय मटेरियल कैरेक्टराइजेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी की स्थापना के प्रस्ताव पर विशेष रूप से चर्चा हुई। यह प्रस्तावित केंद्र प्रदेश के खनिज, इस्पात, धातु, ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और महत्वपूर्ण खनिजों से संबंधित उद्योगों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

    छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख खनिज और औद्योगिक राज्यों में शामिल है। प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपयोग बढ़ाने, नई औद्योगिक तकनीकों के विकास और उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के लिए उच्चस्तरीय परीक्षण एवं अनुसंधान सुविधाओं की आवश्यकता है। प्रस्तावित केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    इस केंद्र में अत्याधुनिक माइक्रोस्कोपी, एक्स-रे आधारित विश्लेषण, उच्च तापमान पर पदार्थों का परीक्षण, नैनो टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक एवं चुंबकीय पदार्थों का अध्ययन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वैज्ञानिक विश्लेषण जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना की गई है।

    इन सुविधाओं के माध्यम से धातु एवं मिश्रधातुओं के गुणों का अध्ययन, उन्नत पदार्थों का परीक्षण, नई विनिर्माण तकनीकों का विकास और औद्योगिक उत्पादों की गुणवत्ता का वैज्ञानिक मूल्यांकन संभव हो सकेगा। इससे रक्षा, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा और अन्य अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों में भी अनुसंधान एवं नवाचार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    प्रस्तावित केंद्र में लगभग 600 शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के आवासीय प्रशिक्षण की क्षमता विकसित करने की परिकल्पना है। इसके माध्यम से तीन वर्षों में लगभग 1,800 विद्यार्थियों को उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है।

    इस केंद्र के विकसित होने से छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग संस्थानों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, स्टार्टअप और औद्योगिक इकाइयों को उच्चस्तरीय परीक्षण एवं अनुसंधान की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे वैज्ञानिक परीक्षण के लिए विदेशी संस्थानों पर निर्भरता कम करने, अनुसंधान की लागत और समय में कमी लाने तथा उद्योगों की तकनीकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और औद्योगिक क्षमताओं को वैज्ञानिक अनुसंधान एवं आधुनिक तकनीक से जोड़ना प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाला कदम होगा। इससे राज्य में अनुसंधान आधारित उद्योगों, तकनीकी नवाचार और उच्च कौशल वाले रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकेंगे।

    विज्ञान एवं गणित के उत्कृष्ट शिक्षक तैयार करने के लिए विशेष संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव

    बैठक में प्रदेश में विज्ञान और गणित शिक्षा की गुणवत्ता में दीर्घकालिक सुधार के उद्देश्य से भारतीय विज्ञान संस्थान के अकादमिक मार्गदर्शन में चार वर्षीय एकीकृत बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम संचालित करने वाले विशेष संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रस्तावित इस संस्थान का उद्देश्य विज्ञान एवं गणित विषयों में उच्च प्रशिक्षित, दक्ष और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से परिचित शिक्षकों की नई पीढ़ी तैयार करना है।

    प्रस्तावित पाठ्यक्रम में भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित जैसे प्रमुख विषयों के साथ आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, वैज्ञानिक अनुसंधान, संचार कौशल, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    संस्थान में 14 आधुनिक शिक्षण प्रयोगशालाएं, 600 विद्यार्थियों की आवासीय क्षमता, समृद्ध पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षण सुविधाएं, आधुनिक व्याख्यान कक्ष, खेल सुविधाएं तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय अधोसंरचना विकसित करने की परिकल्पना है। यहां 25 पूर्णकालिक शिक्षकों की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

    Views: 0
    chhattisgarh Hindi khabar Hindi news hindinews india Raipur Today latest news Today news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email
    Previous Articleक्या मनी प्लांट हमेशा के लिए पानी में उग सकते हैं जानिए मनी प्लांट लगाने के आसान टिप्स और ट्रिक्स…
    Next Article दीवाली से पहले बजी महिलाओं के मोबाइल में खुशी की घंटी…
    Tv36 Hindustan

    Related Posts

    रणबीर कपूर की ‘रामायण 2’ के लिए करना होगा लंबा इंतजार, नमित मल्होत्रा ने बताई पोस्टपोन होने की वजह…

    November 4, 2026

    दीपावली पर पटाखा दुकानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पड़ेगी भारी, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई,घनी आबादी और व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानें लगाने पर प्रतिबंध…

    November 4, 2026

    शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर जिले में प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक, बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने पर विशेष जोर…

    November 4, 2026

    दीवाली से पहले बजी महिलाओं के मोबाइल में खुशी की घंटी…

    November 4, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -Ads-
    Ads
    -Ads-
    Ads
    -ADS-
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • रणबीर कपूर की ‘रामायण 2’ के लिए करना होगा लंबा इंतजार, नमित मल्होत्रा ने बताई पोस्टपोन होने की वजह…
    • दीपावली पर पटाखा दुकानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पड़ेगी भारी, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई,घनी आबादी और व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानें लगाने पर प्रतिबंध…
    • शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर जिले में प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक, बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने पर विशेष जोर…
    • दीवाली से पहले बजी महिलाओं के मोबाइल में खुशी की घंटी…
    • बस्तर और सरगुजा सहित जनजातीय एवं दूरस्थ अंचलों के युवाओं तक पहुंचे विश्वस्तरीय वैज्ञानिक शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ सीएम साय…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Tags
    #diesel #Health #petrol america Assam Bhupsh Baghel Big news Bilashpur chhattisgarh Chhattisgarh Chhattisgarh police CM Bhupesh Baghel community corona infected COVID19 Covid 19 Vaccination COVID19 VACCINE Covidrecovery found in Health Healthcarefacilities Health Coin Health Ministry Help Hindi khabar Hindi news hindinews Humanity india Jagdalpur Jagdalpur district Korba lockdown Lockdowninchhattisgarh New Delhi patients PM Narendra modi Police Raigarh Raipur today Today latest news Today news छत्तीसगढ़ नई दिल्ली रायपुर
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.com

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?