छत्तीसगढ़ :– राज्य में विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सुशासन को धरातल पर उतारने और भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञान का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया है।
विगत दो दिन तक चली कलेक्टर -एसपी कांफ्रेंस के ठीक दूसरे दिन शनिवार को सरकार ने बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम को हटाने के निर्देश जारी किए हैं। उनकी जगह सुकमा जिला कलेक्टर हरीश एस की पदस्थापना बस्तर कलेक्टर के तौर पर कर दी गई है। बताते है कि बस्तर कलेक्टर की कार्यप्रणाली को लेकर सीएम सचिवालय से लेकर दिल्ली तक लगातार शिकायतें पहुंच रहीं थीं। स्वाभाविक है फिर सरकार आईएएस अफसर से कैसे खुश रहती ।
कलेक्टर दयाराम को कार्यप्रणाली में सुधार लाने का सरकार की ओर से कई बार अल्टीमेटम भी दिया गया लेकिन कलेक्टर ने उन्हें हटाने के सिवा कोई दूसरा विकल्प बाकी नहीं रखा। आईएस दयाराम की नवीन पदस्थापना छतीसगढ़ राज्य कौशल विकास अभिकरण में बतौर सीईओ कर दी गई है। देवेश कुमार ध्रुव को सुकमा जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है।
गौरतलब है कि गृहमंत्री अमित शाह जब पिछले माह छत्तीसगढ़ आये थे तब उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किये जा रहे विकास कार्यों एवं नक्सल उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा की थी। शाह ने 2026 में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य तय कर सरकार को प्रभावी तरीके से काम करने एवं नक्सल प्रभावित जिलों में कुशल दक्ष प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की बात कही थी। उन्होंने चर्चा में बस्तर जिले का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को और सुदृढ करने का इशारा भी किया था। बस्तर कलेक्टर दयाराम की छुट्टी की एक वजह केन्द्र तक पहुंची कलेक्टर की परफॉर्मेंस रिपोर्ट को भी माना जा रहा है। गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री साय के प्रयासों की सराहना भी की थी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार विभागों की समीक्षा कर रहे हैं। कलेक्टर कांफ्रेंस के माध्यम से हमेशा गुड़ गवर्नेंस पर जोर देते आये हैं। उन्होंने राज्य के समस्त जिला कलेक्टर और एसपी को बगैर देरी किये जनता की सेवा में पूंर्ण पारदर्शिता लाने के साथ ही समयसीमा पर कार्य को पूर्ण करने की कई बार नसीहतें भी दीं हैं। लेकिन जिन अफसरों ने उनकी हिदायतों पर गंभीरता नहीं दिखाई है उनके विरुद्ध कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री साय हमेशा यह कहते रहे हैं कि जनता को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं एवं जनकल्याण की योजनाओं में जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। बहरहाल, सरकार के तेवर देखकर माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ अन्य बड़े अफसरों को हटाया जाएगा।
