नई दिल्ली:– शुक्रवार देर रात चीन के शांक्सी प्रांत में स्थित लियुशेनयु कोयला खदान में एक बहुत ही भयानक गैस विस्फोट हुआ। इस बड़े और दर्दनाक हादसे में अब तक 82 मजदूरों की मौत हो चुकी है। राहत और बचाव दल लगातार इस खतरनाक जगह पर फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
दुर्घटना के समय इस गहरी खदान के भीतर कुल 247 मजदूर अपना काम कर रहे थे। अभी भी 9 मजदूर पूरी तरह से लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने इस घटना पर बहुत दुख जताया है।
राष्ट्रपति ने दिए बचाव कार्य के कड़े निर्देश
हादसे के तुरंत बाद राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सभी अधिकारियों को बचाव अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि खदान में फंसे लोगों को निकालने और घायलों के बेहतर इलाज में कोई कसर न छोड़ी जाए। इसके साथ ही दुर्घटना के असली कारणों की भी बहुत गहन जांच करने का सख्त आदेश दिया गया है।
शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने इस मामले में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ा एक्शन लिया है। खदान के लिए जिम्मेदार कंपनी के कई बड़े अधिकारियों को पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया है। प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी इस घटना में कड़ी जवाबदेही तय करने की बात स्पष्ट रूप से कही है।
मौत के आंकड़ों में बदलाव कोई स्पष्टीकरण नहीं
शुरुआत में सरकारी मीडिया शिन्हुआ ने केवल 8 लोगों के मारे जाने की दुखद खबर दुनिया को दी थी। तब बताया गया था कि 200 से अधिक मजदूरों को सुरक्षित रूप से जमीन के ऊपर निकाल लिया गया है। बाद में मरने वालों की संख्या अचानक 82 हो गई, जिसका कोई स्पष्टीकरण अभी नहीं दिया गया है।
चीन ने 2000 के दशक की शुरुआत से कोयला खदानों में बहुत कड़े नियमों को पूरी तरह लागू किया था। इसके बाद से गैस धमाकों या बाढ़ के कारण होने वाली मजदूरों की मौतों में काफी कमी आई थी। लेकिन शांक्सी प्रांत का यह भयानक खदान हादसा पिछले एक दशक में सबसे घातक माना जा रहा है।
