
कोरबा 29 जुलाई/कलेक्टर संजीव झा विकासखंड कोरबा के सुदूर वनांचल क्षेत्र अजगरबहार पहुंचकर आदिवासी बालक आश्रम, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और समूह की महिलाओं द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान स्टोर का औचक निरीक्षण किया।

कलेक्टर पेयजल प्रभावित,संचार सेवा बाधित,विद्युत समस्या से जूझ रहे लेमरू क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के इलाज के लिए किए गए स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।अजगर बहार में मड़वारानी स्व सहायता समूह द्वारा संचालित एनआरएलएम बिहान स्टोर में पहुंचकर समूह की सचिव गणेशी बाई से दुकान के माध्यम से होने वाली सामानों की बिक्री और दुकान में मौजूद सामानों के बारे में जानकारी ली दुकान के माध्यम से समूह की महिलाओं को होने वाली आवक के बारे में साथ ही अधिक बिक्री बढ़ाने के लिए बच्चों के खिलौने, अगरबत्ती, अंडे एवं अन्य दैनिक उपयोग के सामानों को दुकान में रखने के लिए कहा अजगरबहार में स्थित आदिवासी बालक आश्रम का औचक निरीक्षण कर आश्रम में विद्यार्थियों के रहने और पढ़ने के लिए सुनिश्चित की गई सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

कलेक्टर ने आश्रम में विद्यार्थियों के लिए लगाए गए बिस्तरों, पीने के पानी की सुविधा, साफ-सफाई, शौचालय आदि व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने मच्छरों से बचाव के लिए कमरों के खिड़कियों में जाली लगाने के निर्देश आश्रम अधीक्षक को दिए। आश्रम में रहकर पढ़ रहे विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई के बारे में भी पूछा। उन्होंने सभी बच्चों को मन लगाकर पढ़ने तथा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

कलेक्टर श्री झा ने अजगरबहार और लेमरू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी निरीक्षण किया स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के ईलाज की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारियों से प्रतिदिन की ओपीडी, आईपीडी और प्रसव से संबंधित मरीजों की भी जानकारी ले अस्पताल के वार्डों, लैब रूम और स्टोर रूम का भी निरीक्षण किया। दोनों अस्पतालों में दवाईयों के बारे में भी जानकारी डॉक्टरों से ली सभी जरूरी दवाईयों की अस्पताल में उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही एंटी स्नेक वेनम भी रखने के निर्देश दिए

स्वास्थ्य केंद्रों में उपस्थित डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ से भी बात की और मरीजों के ईलाज के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया की जानकारी ले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध जांच और ईलाज की सुविधाओं का भी अवलोकन कियानी डाक्टरों से ईलाज के लिए आने वाले मरीजों के साथ सौहाद्रपूर्ण व्यवहार करने और पूरी क्षमता से अच्छे से अच्छा ईलाज करने के निर्देश दिए।