कांकेरः तेजतर्रार आईएएस अधिकारी डॉ प्रियंका शुक्ला ने कांकेर कलेक्टर का पदभार ग्रहण करते ही लाल आतंक को खुली चुनौती दी है। ड्यूटी ज्वाइन करने के तीसरे दिन ही कलेक्टर प्रियंका शुक्ला धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र ठेमा और बांस पत्तर इलाके में पहुंच गईं।
डॉ प्रियंका शुक्ला ने कांकेर में बतौर कलेक्टर 4 जुलाई को पदभार ग्रहण किया है। आज तीसरे दिन उन्होंने जिले के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र ठेमा और बांस पत्तर इलाके का दौरा किया है। जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर इस इलाके में कलेक्टर ने प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना नरवा के तहत वन विभाग द्वारा बनाये गए चेक डैम का निरीक्षण किया और जल संरक्षण को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
चेक डैम का निरीक्षण करने के लिए कलेक्टर डॉ प्रियंका शुक्ला नक्सल प्रभावित इलाके में मुख्य सड़क से 200 मीटर अंदर घने जंगलों में जा पहुंचीं। उन्होंने ठेमा के छात्रावास और प्राथमिक शाला का भी निरीक्षण किया और बच्चों से गिनती सुन उन्हें चॉकलेट बांटे।
इस मौके पर डॉ प्रियंका शुक्ला ने कहा कि जल संरक्षण बेहद आवश्यक है, प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना नरवा के तहत वन विभाग के द्वारा जो कार्य किये जा रहे हैं, उसका निरीक्षण करने वो पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए जल का संरक्षण बेहद जरुरी है, इस पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
बता दें कि डॉ प्रियंका शुक्ला कांकेर जिले के 20वां कलेक्टर हैं। डॉ प्रियंका शुक्ला एमबीबीएस डॉक्टर और साल 2009 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह जशपुर में कलेक्टर रही चुकी हैं। कांकेर जिले के कलेक्टर का कार्यभार ग्रहण करने के पहले वो विशेष सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, संचालक आयुष, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास के पद पर पदस्थ थीं।