कोरबा दर्री /महिला पर हुए अन्धे प्राणघातक हमलें की गुत्थी सुलझाने सफलता प्राप्त घटना की जानकारी देते हुए नगर निरीक्षक विवेक शर्मा ने बताया कि सुभद्रा भारिया नमक महिला ग्राम केंदैखार की रहने वाली एक सुपर स्टोर में कार्य करती है रात्रि तकरीबन 9.30 बजे काम करके साइकिल से अपने घर के लिए निकली थी रास्ते में लहूलुहान हालत में पड़ी मिली घटना घटित करने वाले की कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी अस्पताल में 20 दिनों तक गंभीर हालत में जिंदगी मौत के बीच झूलती रही हालत थोड़ी ठीक हुई तो पूछताछ पर दो लोगों द्वारा स्वयं पर हमला करने की जानकारी दी। घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह को जानकारी प्राप्त होने पर गंभीरता को देखते हुए अपराधियों की पता तलाश सर्वप्राथमिकता से करने थाना दर्री को कहा जिसमे अपराध क्रमांक 370/22 धारा 307 आईपीसी दर्ज करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कार्य निर्देश नपुअ दर्री रॉबिंसन गुडिया के पर्यवेक्षण दर्री पुलिस अज्ञात आरोपियों की पतासाजी शुरू की। आरोपियों द्वारा घटना घटित की गई प्रत्यक्षदर्शी कोई नहीं था सर्कल में उसके परिचितों किससे दुश्मनी रंजिश हो सकती है इस संबंध में जानकारी अर्जित करने पुलिस ग्राम आसपास लगातार पता तलाश किया गया।महिला की रंजिश गोवर्धन नमक व्यक्ति के साथ होने की जानकारी मिली जिस्का सहयोगी एक बालक उर्फ सीपत धनुहार होने की जानकारी मिली।बालक को पकड़ने की कोशिश की गई पर भाग गया काफी तलाश के बाद पुलिस को पकड़ने में सफलता प्राप्त हुई ।
पूछताछ पर घटना की जानकारी देते हुए बताया कि गोवर्धन,सुभद्रा से रंजिश रखता था क्योंकि सुभद्रा उसके साथ रहने को तैयार नही थी। इस कारण उसने घटना दिनांक को इसे और घनश्याम भरिया को शराब दुकान बुलाकर शराब पिला सुभद्रा को मारने की योजना बनाई।सुभद्रा काम से वापस आ रही थी तो ये लोग उसका पीछा कर केंदईखर बांस झाड़ी के पास रोके बालक तथा गोवर्धन साथ में लाए डंडे से सिर और पैर में प्राणघातक हमला किया।घनश्याम वही खड़े होकर रखवाली कर रहा था की कोई आ न जाए।सुभद्रा को मरा समझ तीनो वहां से भाग गए डंडे को पाइप लाइन के पास फेंक दिए। पुलिस इस जानकारी मिलने पर तत्काल गोवर्धन और घनशायम भरिया को ढूढकर पकड़ा पूछताछ में उनके द्वारा घटना करने की पुष्टि की गई। पुलिस सुभद्रा को मारने में इस्तेमाल किए गए डंडे को बरामद करके मोटरसाइकिल जप्त कर लिया। आरोपियों को रिमांड पर भेजा गया न्यायिक हिरासत में।
इस अंधे प्राणघात मामले को हल करने में थाना दर्री की सहायक उप निरीक्षक अनिता खेस,आर राजेश राठौर,सुरेश महिलांगे,लीलाधर चंद्रा ओमप्रकाश निराला,गजेंद्र रजवाड़े,अशोक चौहान ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।