नई दिल्ली:– UPI को लेकर सोशल मीडिया और कई रिपोर्ट्स में 2026 से नए MDR चार्ज की चर्चा हो रही है। दावा किया जा रहा है कि 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% तक MDR लागू होगा। हालांकि, इसका सीधा भुगतान ग्राहक से नहीं लिया जाना बताया जा रहा है। ऐसे में चाय-पान, किराना, सब्जी, पेट्रोल, बीमा, टिकट, बिजली बिल, शॉपिंग और निवेश जैसे अलग-अलग भुगतानों पर इसका क्या असर होगा, इसे समझना जरूरी है।
सबसे अहम बात यह है कि हर UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगने की बात नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांसफर और 2,000 रुपये तक के सामान्य मर्चेंट पेमेंट को मुफ्त रखने की बात कही गई है। छोटे व्यापारियों के लिए भी जीरो-MDR व्यवस्था का उल्लेख है।
बताई जा रही नई व्यवस्था के मुताबिक 15 अक्टूबर 2026 से कुछ P2M यानी व्यक्ति से व्यापारी को होने वाले UPI भुगतान पर MDR लागू होगा। 2,000 रुपये से ज्यादा के सामान्य मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR की दर बताई गई है। यह शुल्क ग्राहक के बजाय मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में लागू होगा।
- MDR आखिर होता क्या है?
MDR का पूरा नाम Merchant Discount Rate है। यह डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी से संबंधित शुल्क है। इसका हिस्सा भुगतान से जुड़े बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जा सकता है। - क्या ग्राहक के लिए यह कोई टैक्स है?
नहीं। MDR को ग्राहक पर लगाया जाने वाला टैक्स नहीं माना जाता। उपलब्ध जानकारी के अनुसार UPI से भुगतान करने वाले ग्राहक से सीधे यह शुल्क वसूलने की व्यवस्था नहीं है। - दोस्त या परिवार को पैसे भेजने पर क्या चार्ज लगेगा?
नहीं। P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति को किए जाने वाले UPI ट्रांसफर पर MDR लागू नहीं होगा। चाहे रकम छोटी हो या बड़ी, यह मर्चेंट पेमेंट नहीं होने के कारण इस शुल्क के दायरे से बाहर रहेगा। - दुकान पर 2,000 रुपये तक UPI पेमेंट फ्री रहेगा?
हां। 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट को MDR से मुक्त रखने की बात कही गई है। इससे किराना, दवा, रेस्तरां, कैब और रोजमर्रा की छोटी खरीदारी जैसे भुगतान सामान्य तरीके से जारी रहेंगे। - 2,000 रुपये से ज्यादा दुकान पर UPI करने पर ग्राहक को कितना देना होगा?
बताई गई व्यवस्था के अनुसार ग्राहक से अलग से MDR नहीं लिया जाएगा। 0.4% का शुल्क संबंधित मर्चेंट साइड पर लागू होगा। - सामान्य मर्चेंट के लिए MDR कितना बताया गया है?
2,000 रुपये से अधिक के योग्य सामान्य मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4% MDR की दर बताई गई है। उदाहरण के लिए 3,000 रुपये के भुगतान पर 12 रुपये और 50,000 रुपये पर 200 रुपये बनते हैं। - क्या MDR की अधिकतम सीमा है?
हां। 75,000 रुपये या उससे अधिक के एक योग्य मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर अधिकतम MDR 300 रुपये बताए गए हैं। इसलिए बड़ी रकम पर प्रतिशत के हिसाब से शुल्क बढ़कर 300 रुपये से ज्यादा नहीं जाएगा। - 75,000 रुपये पर 300 रुपये बनते हैं, फिर कैप क्यों?
0.4% की दर से 75,000 रुपये पर 300 रुपये ही बनते हैं। इसके बाद ट्रांजैक्शन की रकम बढ़ने पर सामान्य गणना के मुताबिक शुल्क बढ़ सकता था, लेकिन अधिकतम सीमा तय होने से MDR 300 रुपये पर रुक जाता है। - क्या 2,000 रुपये से कम पेमेंट पर दुकानदार को MDR देना होगा?
नहीं। 2,000 रुपये तक के योग्य P2M UPI भुगतान को MDR से मुक्त बताया गया है। - क्या छोटे दुकानदारों पर भी चार्ज लगेगा?
छोटे व्यापारियों और माइक्रो-एंटरप्राइज के लिए जीरो-MDR सुरक्षा जारी रखने की बात कही गई है। इसलिए छोटे कारोबारियों के सामान्य QR पेमेंट पर इस बदलाव का असर सीमित रहने की बात है। - छोटे मर्चेंट की सीमा क्या है?
उपलब्ध जानकारी में महीने में 1 लाख रुपये तक UPI भुगतान स्वीकार करने वाले छोटे विक्रेताओं के लिए छूट का उल्लेख किया गया है। हालांकि वास्तविक वर्गीकरण बैंक या पेमेंट सेवा प्रदाता की प्रणाली और लागू नियमों के आधार पर होगा। - चाय, पान और सब्जी वाले को पैसे देने पर क्या होगा?
ग्राहक को कोई अलग शुल्क नहीं देना होगा। छोटे मर्चेंट के लिए जीरो-MDR व्यवस्था लागू होने की स्थिति में व्यापारी पर भी शुल्क नहीं लगेगा। 10, 50, 100 या 500 रुपये जैसे रोजमर्रा के भुगतान सामान्य तरीके से किए जा सकेंगे। - छोटे दुकानदार को 2,000 रुपये से ज्यादा का पेमेंट मिले तो?
यह इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित मर्चेंट नियमों में किस श्रेणी में आता है। छोटे मर्चेंट के लिए दी गई जीरो-MDR सुरक्षा और भुगतान की श्रेणी को बैंक या पेमेंट प्रदाता की व्यवस्था के अनुसार देखा जाएगा। - क्या दुकानदारों को QR कोड या साउंडबॉक्स बदलना पड़ेगा?
सिर्फ MDR व्यवस्था बदलने के कारण सामान्य रूप से QR कोड या साउंडबॉक्स बदलने की जरूरत नहीं बताई गई है। चार्ज मुख्य रूप से पेमेंट के सेटलमेंट और बिलिंग से जुड़ा विषय है। - PhonePe, Google Pay, Paytm या BHIM ग्राहक से फीस ले सकते हैं?
- बताई गई व्यवस्था के मुताबिक UPI ग्राहक से इस MDR के नाम पर अलग शुल्क लेने की बात नहीं है। किसी ऐप की अन्य सेवा फीस हो तो उसके नियम अलग हो सकते हैं।
- क्या मुफ्त UPI ट्रांजैक्शन की कोई मासिक सीमा होगी?
MDR के संदर्भ में P2P ट्रांसफर के लिए किसी मासिक शुल्क वाली सीमा की बात नहीं है। हालांकि बैंक की अपनी सुरक्षा और ट्रांजैक्शन लिमिट अलग हो सकती है। - बैंक की रोजाना UPI लिमिट क्या होती है?
UPI की दैनिक सीमा बैंक और ट्रांजैक्शन की श्रेणी के अनुसार अलग हो सकती है। कई मामलों में यह 1 लाख से 5 लाख रुपये तक हो सकती है, लेकिन यह MDR की सीमा नहीं है। - क्या 1 लाख रुपये दोस्त को भेजने पर MDR लगेगा?
नहीं। दोस्त या परिवार के बैंक खाते में P2P UPI ट्रांसफर पर MDR नहीं लगेगा। हां, संबंधित बैंक की दैनिक ट्रांजैक्शन सीमा लागू हो सकती है। - अपने एक बैंक खाते से दूसरे खाते में UPI ट्रांसफर?
अपने खातों के बीच UPI के जरिए रकम भेजने पर ग्राहक से MDR लेने की बात नहीं है। यह मर्चेंट पेमेंट नहीं है। - किन क्षेत्रों को सामान्य 0.4% MDR से अलग रखा गया है?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे कुछ क्षेत्रों को विशेष श्रेणी में रखा गया है। 2,000 रुपये से अधिक के योग्य भुगतान पर इन क्षेत्रों के लिए 5 रुपये का फ्लैट MDR बताया गया है। - पेट्रोल पंप पर UPI पेमेंट का क्या होगा?
2,000 रुपये तक के भुगतान पर MDR नहीं होगा। इससे अधिक के योग्य ईंधन भुगतान के लिए मर्चेंट साइड पर 5 रुपये का फ्लैट MDR बताया गया है। ग्राहक से यह शुल्क सीधे लेने की बात नहीं है। - बीमा प्रीमियम पर क्या असर पड़ेगा?
बीमा को भी विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने की बात कही गई है। 2,000 रुपये से अधिक के योग्य भुगतान पर सामान्य 0.4% की जगह 5 रुपये फ्लैट MDR बताया गया है। - रेलवे टिकट और टेलीकॉम बिल पर क्या होगा?
ग्राहक को UPI के नाम पर अतिरिक्त शुल्क देने की व्यवस्था नहीं बताई गई है। 2,000 रुपये से अधिक के योग्य भुगतान पर मर्चेंट साइड के लिए 5 रुपये फ्लैट MDR की बात कही गई है। - कृषि इनपुट को विशेष श्रेणी क्यों?
बीज, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़े जरूरी उत्पादों जैसे कम मार्जिन वाले कारोबार पर डिजिटल पेमेंट शुल्क का असर सीमित रखने के लिए इन्हें विशेष श्रेणी में रखने की बात कही गई है। वास्तविक श्रेणीकरण मर्चेंट कोड के आधार पर हो सकता है। - बिजली, पानी और गैस के बिल पर कितना चार्ज लगेगा?
उपलब्ध स्पष्टीकरण में रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसी श्रेणियों का उल्लेख किया गया है। बिजली, पानी और गैस के लिए 5 रुपये फ्लैट MDR की अलग से पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इसलिए इनके बारे में संबंधित बिलर या बैंक की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी होगा। - स्कूल-कॉलेज की फीस पर क्या नियम होगा?
2,000 रुपये तक का योग्य UPI मर्चेंट पेमेंट MDR से मुक्त रहेगा। 2,000 रुपये से ज्यादा की शिक्षा फीस के लिए 5 रुपये की विशेष दर का स्पष्ट उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है। - म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में UPI पेमेंट पर कितना MDR?
म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉकब्रोकर और डीलर से जुड़े योग्य पेमेंट के लिए 0.02% MDR की दर बताई गई है। इसके साथ 300 रुपये की अधिकतम सीमा भी बताई गई है। - कैपिटल मार्केट के लिए दर कम क्यों रखी गई?
कम MDR का उद्देश्य निवेश से जुड़े डिजिटल भुगतान की लागत को सीमित रखना और रिटेल निवेशकों के लिए डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना बताया गया है। - 1 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड पेमेंट पर MDR कितना होगा?
0.02% की दर से 1 लाख रुपये के भुगतान पर 20 रुपये बनेंगे। यह मर्चेंट साइड का शुल्क है, ग्राहक से सीधे लेने की बात नहीं है। - क्या हर UPI पेमेंट पर 0.4% लगेगा?
नहीं। यह दर केवल निर्धारित श्रेणी के 2,000 रुपये से अधिक के सामान्य P2M भुगतान के लिए बताई गई है। P2P ट्रांसफर और 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट इससे अलग हैं। - RuPay क्रेडिट कार्ड से UPI पेमेंट पर भी यही नियम होगा?
जरूरी नहीं। बैंक खाते से किए गए सामान्य UPI भुगतान और RuPay क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट लाइन से जुड़े UPI भुगतान के शुल्क एवं इंटरचेंज नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए दोनों को एक जैसा मानना उचित नहीं होगा। - MDR से मिलने वाला पैसा किसे मिलेगा?
MDR से संबंधित राशि भुगतान व्यवस्था में शामिल अलग-अलग संस्थाओं, जैसे बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर आदि के बीच निर्धारित व्यवस्था के अनुसार वितरित हो सकती है। इसे सीधे सरकारी राजस्व के रूप में नहीं बताया गया है। - MDR लगाने की जरूरत क्यों बताई जा रही है?
UPI के संचालन में बैंकिंग सिस्टम, सर्वर, तकनीकी ढांचे, सुरक्षा, फ्रॉड रोकथाम और ग्राहक सहायता जैसी व्यवस्थाओं पर खर्च होता है। बड़े कारोबारी भुगतान से मिलने वाला शुल्क इस डिजिटल पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट करने के उद्देश्य से जोड़ा जा रहा है। - क्या इससे साइबर सिक्योरिटी पर खर्च बढ़ सकता है?
पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और क्षमता बढ़ाना इस तरह की व्यवस्था के घोषित उद्देश्यों में शामिल बताया गया है। हालांकि MDR से प्राप्त राशि का वास्तविक खर्च किस मद में कितना होगा, इसकी विस्तृत जानकारी अलग से देखनी होगी। - छोटे व्यापारियों के लिए कोई अलग फंड होगा?
बताई गई व्यवस्था में MDR से प्राप्त कुल राशि का 5% एक समर्पित फंड में देने का प्रस्ताव बताया गया है। इसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों के बीच डिजिटल भुगतान की पहुंच को बढ़ावा देना है। - इस फंड का फायदा किसे मिल सकता है?
इसका उद्देश्य माइक्रो और छोटे कारोबारियों, ग्रामीण क्षेत्रों तथा छोटे शहरों में डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा बढ़ाना बताया गया है। - क्या ज्यादातर UPI ट्रांजैक्शन पर असर नहीं पड़ेगा?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट और छोटे मर्चेंट के लिए जीरो-MDR व्यवस्था के कारण लगभग 96% P2M लेनदेन के अप्रभावित रहने का दावा किया गया है। - क्या दुकानदार MDR का पैसा ग्राहक से वसूल सकता है?
बताई गई व्यवस्था में MDR को ग्राहक पर अलग से डालने की अनुमति नहीं होने की बात कही गई है। यदि कोई व्यापारी UPI भुगतान के नाम पर अलग शुल्क मांगता है, तो ग्राहक बिल या भुगतान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखकर संबंधित बैंक, ऐप या शिकायत चैनल से संपर्क कर सकता है। - UPI करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
पेमेंट करने से पहले QR कोड और प्राप्तकर्ता का नाम जांचें। UPI PIN केवल पैसे भेजते समय डालें। पैसे प्राप्त करने के नाम पर आने वाली अनजान कलेक्ट रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और OTP या UPI PIN किसी के साथ साझा न करें। - नए चार्ज की सही जानकारी कहां से मिलेगी?
वित्त मंत्रालय, RBI, NPCI, अपने बैंक और संबंधित UPI ऐप की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दें। सोशल मीडिया पोस्ट या WhatsApp फॉरवर्ड को अंतिम नियम न मानें। - क्या 15 अक्टूबर से ऐप अपडेट करना जरूरी होगा?
ग्राहक के लिए MDR नियम के कारण किसी विशेष रजिस्ट्रेशन या अलग प्रक्रिया की जरूरत बताए जाने की बात नहीं है। फिर भी सुरक्षा के लिए UPI ऐप को अपडेट रखना उपयोगी है। - व्यापारियों को क्या करना चाहिए?
व्यापारियों को अपने बैंक, पेमेंट एग्रीगेटर या UPI सेवा प्रदाता से अपनी मर्चेंट कैटेगरी, लागू MDR, सेटलमेंट और बिलिंग की जानकारी पहले से स्पष्ट कर लेनी चाहिए। - क्या आम ग्राहक के लिए UPI पहले जैसा रहेगा?
रोजमर्रा के छोटे भुगतान और P2P ट्रांसफर के मामले में बड़ा बदलाव नहीं बताया गया है। 2,000 रुपये तक के योग्य मर्चेंट पेमेंट और छोटे कारोबारियों के लिए भी राहत की व्यवस्था बताई गई है। बदलाव मुख्य रूप से कुछ बड़े मर्चेंट पेमेंट के पीछे की शुल्क व्यवस्था से जुड़ा है। - नए UPI MDR नियम को आसान भाषा में कैसे समझें?
सीधी बात यह है कि हर UPI पेमेंट पर चार्ज नहीं लगेगा। P2P ट्रांसफर मुफ्त रहने की बात है और 2,000 रुपये तक के योग्य मर्चेंट पेमेंट पर भी MDR नहीं होगा। 2,000 रुपये से अधिक के कुछ सामान्य बड़े मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR की व्यवस्था बताई गई है, जबकि कुछ विशेष क्षेत्रों और निवेश संबंधी भुगतानों के लिए अलग दरें बताई गई हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि संबंधित नियमों के अंतिम आधिकारिक नोटिफिकेशन के आधार पर ही किसी भुगतान पर लागू शुल्क तय माना जाना चाहिए।
