Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Home » डेस्क जॉब करने वाले रहें सावधान पैरों में खून का थक्का बनने के जोखिम को न करें नजरअंदाज…
    समाचार

    डेस्क जॉब करने वाले रहें सावधान पैरों में खून का थक्का बनने के जोखिम को न करें नजरअंदाज…

    By Tv36 HindustanOctober 22, 2026No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp VKontakte Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली:- लंबे समय तक ऑफिस में बैठकर काम करना, लगातार स्क्रीन देखना और घंटों ऑनलाइन गेमिंग या OTT प्लेटफॉर्म पर समय बिताना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि कम रहने से पैरों की नसों में खून का प्रवाह धीमा पड़ सकता है, जिससे डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) यानी गहरी नसों में खून का थक्का जमने का खतरा बढ़ सकता है। गंभीर मामलों में यह थक्का फेफड़ों तक पहुंचकर जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है।
    डीप वेन थ्रोम्बोसिस एक ऐसी चिकित्सकीय स्थिति है, जिसमें शरीर की गहरी नसों में खून का थक्का बन जाता है। यह समस्या अक्सर पैरों में देखी जाती है। थक्का बनने से रक्त का सामान्य प्रवाह प्रभावित हो सकता है और पैरों में सूजन, दर्द या भारीपन जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। समय पर पहचान और इलाज नहीं मिलने पर यह थक्का टूटकर रक्त के साथ फेफड़ों तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति को पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है, जो गंभीर और जानलेवा हो सकती है। इसलिए DVT के संभावित लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
    आजकल डेस्क जॉब, वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन गेमिंग और OTT प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के कारण लोग कई-कई घंटे एक ही जगह बैठे रहते हैं। इस दौरान पैरों की मांसपेशियों की गतिविधियां कम हो जाती हैं। सामान्य तौर पर पैरों की मांसपेशियां नसों के माध्यम से खून को वापस हृदय की ओर पहुंचाने में मदद करती हैं। जब व्यक्ति लंबे समय तक बिना हिले-डुले बैठा रहता है, तो यह प्रक्रिया धीमी हो सकती है। इससे कुछ लोगों में नसों के भीतर खून का थक्का बनने का जोखिम बढ़ जाता है। पहले DVT को मुख्य रूप से बुजुर्गों या अस्पताल में भर्ती मरीजों से जुड़ी समस्या माना जाता था, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक निष्क्रिय रहने की आदत के कारण युवा और कामकाजी लोगों को भी इसके जोखिम के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।
    Scientific Reports में प्रकाशित एक शोध में लंबे समय तक बैठे रहने और वेनस थ्रोम्बोएम्बोलिज्म (VTE) के जोखिम के बीच संबंध देखा गया। रिपोर्ट में बताया गया कि सबसे अधिक समय तक बैठे रहने वाले लोगों में VTE का जोखिम कम बैठने वालों की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक था। शोध में दिनभर बैठने के समय में हर अतिरिक्त घंटे के साथ जोखिम में लगभग 2 प्रतिशत वृद्धि का संबंध भी सामने आया। हालांकि, इन आंकड़ों को किसी व्यक्ति के लिए निश्चित जोखिम नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक खतरा उसकी उम्र, स्वास्थ्य, गतिविधियों और अन्य जोखिम कारकों पर भी निर्भर करता है।

    डॉक्टरों ने डेस्क जॉब करने वालों को किया सतर्क
    वैस्कुलर विशेषज्ञों ने लंबे समय तक बैठे रहने की आदत को लेकर चिंता जताई है। VSI-ASVS 2026 के आयोजन सचिव और नई दिल्ली स्थित मैक्स हॉस्पिटल में वैस्कुलर एवं एंडोवैस्कुलर सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. तापिश साहू के अनुसार, उनकी ओपीडी में ऐसे युवा मरीज भी आ रहे हैं, जिनमें DVT से मिलते-जुलते लक्षण दिखाई दे रहे हैं। लंबे समय तक डेस्क जॉब करना, स्क्रीन के सामने बैठे रहना और गेमिंग जैसी आदतें इस समस्या के जोखिम से जुड़ी हो सकती हैं। वहीं, पेरिफेरल वैस्कुलर एवं एंडोवैस्कुलर साइंसेज के सीनियर डायरेक्टर डॉ. तरुण ग्रोवर ने बताया कि मरीजों की जांच के दौरान उनकी दिनचर्या और स्क्रीन के सामने बिताए जाने वाले समय के बारे में भी जानकारी लेना महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक निष्क्रिय रहने की आदत को कम करना वैस्कुलर हेल्थ के लिए जरूरी है।
    वैस्कुलर सोसाइटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ वैस्कुलर एवं एंडोवैस्कुलर सर्जन डॉ. भूपेश गर्ग के मुताबिक, लंबे समय तक बैठे रहने से भी ब्लड क्लॉट का खतरा बढ़ सकता है। इसका एक प्रमुख कारण पैरों की काफ मसल्स की गतिविधियों में कमी आना है। जब पैरों की मांसपेशियां लंबे समय तक सक्रिय नहीं रहतीं, तो नसों के जरिए खून की वापसी धीमी हो सकती है। इससे कुछ परिस्थितियों में गहरी नसों में खून का थक्का बनने की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि, लंबे समय तक बैठना और धूम्रपान शरीर पर अलग-अलग तरीकों से असर डालते हैं; दोनों के जोखिमों को बिल्कुल समान नहीं माना जाना चाहिए।
    DVT के संभावित लक्षणों में शामिल हैं:

    एक पैर में अचानक या असामान्य सूजन।

    पिंडली या पैर में दर्द और दबाव महसूस होना।

    प्रभावित हिस्से में गर्माहट।

    त्वचा का लाल या रंग बदला हुआ दिखाई देना।

    पैर में भारीपन या असहजता।

    कुछ लोगों में DVT के स्पष्ट लक्षण नहीं भी दिखाई देते। केवल लक्षणों के आधार पर इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती; इसके लिए डॉक्टर की जांच और जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड जैसे परीक्षण किए जाते हैं।
    लंबे समय तक बैठने से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए रोजमर्रा की दिनचर्या में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।

    1. नियमित अंतराल पर उठें: काम के दौरान बीच-बीच में खड़े हों और थोड़ी देर चलें। संभव हो तो हर 30 से 60 मिनट में अपनी स्थिति बदलने की आदत बनाएं।
    2. पैरों को सक्रिय रखें: बैठे-बैठे टखनों को ऊपर-नीचे करना और पैरों को हल्का हिलाना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, यह चलने-फिरने का विकल्प नहीं है।
    3. रोजाना शारीरिक गतिविधि करें: अपनी क्षमता के अनुसार नियमित पैदल चलना और व्यायाम करना दिनचर्या में शामिल करें।
      1. लगातार स्क्रीन देखने से बचें: काम या मनोरंजन के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लें और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से बचें।
    4. जोखिम कारकों पर ध्यान दें: पहले DVT हो चुका हो, हाल में बड़ी सर्जरी हुई हो, लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ा हो या अन्य जोखिम कारक हों, तो डॉक्टर से व्यक्तिगत बचाव के उपायों पर सलाह लें।

    कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
    यदि एक पैर में अचानक सूजन, दर्द या गर्माहट महसूस हो, तो जल्द से जल्द चिकित्सकीय जांच कराएं। यदि अचानक सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, खून वाली खांसी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह फेफड़ों में खून का थक्का पहुंचने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। डेस्क जॉब और स्क्रीन आधारित जीवनशैली के बीच लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित रूप से उठना, चलना और पैरों को सक्रिय रखना सेहत के लिए फायदेमंद है। यदि DVT के लक्षण दिखाई दें, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और उचित उपचार गंभीर जटिलताओं से बचाने में मदद कर सकते हैं।

    Views: 0
    chhattisgarh Hindi khabar Hindi news hindinews india Raipur Today latest news Today news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email
    Previous Articleयहां पर 25 अक्टूबर को आएंगी स्मृति ईरानी, ‘मन की बात’ कार्यक्रम में होंगी शामिल…
    Next Article सेहत के लिए काफी फायदेमंद है नींबू, बीमारियों से मिलेगा छुटकारा, फायदे जान हो जाएंगे हैरान…
    Tv36 Hindustan

    Related Posts

    T20 सीरीज के पहले मैच में भारत ने न्यूज़ीलैंड को चार विकेट से हराया, सबसे बड़ा टारगेट चेज कर बनाया रिकॉर्ड, इन खिलाड़ियों ने खेली शानदार पारी…

    October 22, 2026

    सेहत के लिए काफी फायदेमंद है नींबू, बीमारियों से मिलेगा छुटकारा, फायदे जान हो जाएंगे हैरान…

    October 22, 2026

    यहां पर 25 अक्टूबर को आएंगी स्मृति ईरानी, ‘मन की बात’ कार्यक्रम में होंगी शामिल…

    October 22, 2026

    शरद पूर्णिमा पर खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखने के पीछे क्या है धार्मिक मान्यता…

    October 22, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -Ads-
    Ads
    -Ads-
    Ads
    -ADS-
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • T20 सीरीज के पहले मैच में भारत ने न्यूज़ीलैंड को चार विकेट से हराया, सबसे बड़ा टारगेट चेज कर बनाया रिकॉर्ड, इन खिलाड़ियों ने खेली शानदार पारी…
    • सेहत के लिए काफी फायदेमंद है नींबू, बीमारियों से मिलेगा छुटकारा, फायदे जान हो जाएंगे हैरान…
    • डेस्क जॉब करने वाले रहें सावधान पैरों में खून का थक्का बनने के जोखिम को न करें नजरअंदाज…
    • यहां पर 25 अक्टूबर को आएंगी स्मृति ईरानी, ‘मन की बात’ कार्यक्रम में होंगी शामिल…
    • शरद पूर्णिमा पर खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखने के पीछे क्या है धार्मिक मान्यता…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Tags
    #diesel #Health #petrol america Assam Bhupsh Baghel Big news Bilashpur chhattisgarh Chhattisgarh Chhattisgarh police CM Bhupesh Baghel community corona infected COVID19 Covid 19 Vaccination COVID19 VACCINE Covidrecovery found in Health Healthcarefacilities Health Coin Health Ministry Help Hindi khabar Hindi news hindinews Humanity india Jagdalpur Jagdalpur district Korba lockdown Lockdowninchhattisgarh New Delhi patients PM Narendra modi Police Raigarh Raipur today Today latest news Today news छत्तीसगढ़ नई दिल्ली रायपुर
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.com

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?