मध्य प्रदेश:- कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं. ‘वीर भारत न्यास’ से जुड़े जमीन के मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के विरोधाभासी बयानों के बाद यह विवाद दिल्ली में पार्टी आलाकमान तक पहुंच गया है, जिससे वे काफी नाराज हैं. इस सिलसिले में आज 30 जून को पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की एक ऑनलाइन बैठक होनी है. बैठक में संगठन में तालमेल, अनुशासन और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है.
जीतू पटवारी- दिग्विजय की बयानबाजी से आलाकमान नाराज
इस विवाद की मुख्य जड़ ‘वीर भारत न्यास’ की जमीन से जुड़ा मामला है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस मुद्दे पर अलग-अलग सार्वजनिक रुख अपनाया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई. जब पार्टी के आलाकमान तक इस अंदरूनी मतभेद की खबर पहुंची, तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई. संगठन के भीतर चल रही इस वॉर से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच नकारात्मक संदेश जा रहा था और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा था.
ऑनलाइन सुलझेगी अंदरूनी कलह
आज (30 जून) PAC की ऑनलाइन बैठक में इस अंदरूनी कलह को शांत करने के लिए ठोस कोशिश की जा सकती है. उम्मीद है कि आलाकमान के निर्देशों के आधार पर दोनों नेताओं को सार्वजनिक बयान देने से बचने और अनुशासन बनाए रखने के लिए कहा जा सकता है.
एमपी कांग्रेस में आपसी मतभेद
दरअसल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि सरकार ने लगभग ₹500 करोड़ की सरकारी जमीन एक ट्रस्ट को सिर्फ़ एक रुपये में दे दी. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया. दोनों नेताओं की इस बयानबाजी ने मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी कलह को सबके सामने ला दिया.
