नई दिल्ली:- दीवाली के बाद मंडी में मक्का की बंपर आवक से मक्का के दाम घट चुके है. जो मक्का 2300 से 2400 रुपए में बिक रही थी. वहीं मक्का अब 1800 रुपए में बिक रही है. जिससे किसानों की चिंता बढ़ चुकी है. कम भाव होने की वजह से किसान इस मक्का में लगी लागत को भी नहीं निकाल पा रहा है. इसी को लेकर किसानों ने व्यापारियों के सामने नाराजगी जताई है. रोजाना मंडी में व्यापारी और किसानों के बीच विवाद की स्थिति बनती जा रही है.
किसान सोहनलाल केलदे का कहना है कि व्यापारी अपनी मनमानी कर रहे है. दूसरी मंडियों में रेट ज्यादा बिक रहा है. यहां व्यापारी कम कीमत में खरीद रहे है. हमें कम से कम लागत मूल्य तो निकलना चाहिए. ज्यादा माल आने से किसान का माल कम भाव में खरीद रहे है. यही माल का 2300 रुपए में खरीदा था. लेकिन, आज 1600 से 1700 में खरीद रहे है.
1600 से 1700 में खरीद
मंडी में सबसे ज्यादा मक्का आई है. यह 2 मिनिट में बोली लगाकर दूर हो जाते है. लेकिन, किसान को कितना नुकसान हो रहा है. उसकी कोई फिक्र नहीं है. उन्हें कैसे किसान 4 महीने मेहनत करता है. इसका व्यापारियों को कोई अंदाजा नहीं है. किसान ब्याज से पैसे लेकर खेत में लगाता है. हमारा जो माल है. वह उचित दाम पर खरीदे यह नहीं कह रहे है. समर्थन मूल्य पर खरीदे लेकिन वाजिब दाम मिले. जिससे किसान अपनी लागत निकल सके है. वहीं, किसान भागीरथ पटेल अपनी फसल बेचने जरूर आए थे. लेकिन, वह वापस लौट गए है. क्योंकि, मंडी में अभी भाव कम है मका की बंपर आवक से भागीरथ बताते हैं. हमें इस फसल को बड़ा करने में ओर निकलने में 4 महीने लगते है. वह व्यापारी सिर्फ 1 मिनिट में फसल के भाव को तय कर कर बढ़ जाता है.
