: अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप ने बहुमत के आंकड़े के साथ ऐतिहासिक जीत हासिल की है. इसके बाद से दुनियाभर के नेता उन्हें बधाई संदेश भेज रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर चुनाव में जीत के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप अपने नए प्रशासनिक टीम के लिए अधिकारियों के चुनाव में लगे हैं. ट्रंप ने अपनी नई टीम बनाने में बिल्कुल भी समय नष्ट नहीं किया है. उन्होंने अपने चुनावी अभियान में हमेशा “अमेरिका फर्स्ट” का नारा दिया है. इसी के तहत उन्होंने चुनाव में जीत के बाद अपनी सरकार के लिए अधिकारियों का चुनाव कर लिया है. उन्होंने अपनी टीम में ऐसे लोगों का चुनाव किया है, जो अपनी नीतियों को प्रभावी तरीके से लागू कर सकते हैं. आइए आपको बताते है कि डोनाल्ड ट्रंप की नई टीम में किसे कौन-सा विभाग दिया गया है.
किसे मिला कौन-सा विभाग? यहां जानेंनाम पद पीट हेगसेथ रक्षा मंत्रीजॉन रैटक्लिफ CIA चीफक्रिस्टी नोएम होमलैंड सुरक्षा मंत्रीस्टीवन सी. विटकॉफ पश्चिम एशिया के विशेष दूतबिल मैकगिनले व्हाइट हाउस अधिवक्तामाइक हुकाबी इजरायल के राजदूतविवेक रामास्वामी और एलन मस्क- सरकारी दक्षता विभागसूसन विल्स व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफमाइक वाल्ट्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारटॉम होमन बॉर्डर सुरक्षाएलिस स्टेफानिक संयुक्त राष्ट्र में राजदूतस्टीफन मिलर डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ फॉर पॉलिसीली जेल्डिन पर्यावरण संरक्षण एजेंसीएलन मस्क और विवेक रामास्वामी को अहम विभागडोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (12 नवंबर) को घोषणा की है कि टेस्ला के सीईओ और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और स्पेस एक्स के मालिक एलन मस्क और भारतीय-अमेरिकी बिजनेसमैन विवेक रामास्वामी ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (सरकारी दक्षता विभाग) या DOGE’ का नेतृत्व करेंगे.
ट्रंप ने घोषणा में कहा, ‘मुझे यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि एलन मस्क, अमेरिकी देशभक्त विवेक रामास्वामी के साथ मिलकर ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ का नेतृत्व करेंगे.’ उल्लेखनीय है कि विवेक रामास्वामी 20 जनवरी, 2025 से प्रभावी हो रहे डोनाल्ड ट्रंप सरकार में किसी पद के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी होंगे.डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी घोषणा में क्या कहा?ट्रंप ने विभागों की घोषणा करते हुए कहा, ‘ये दोनों (एलन मस्क और विवेक रामास्वामी) एक साथ मिलकर मेरे प्रशासन के लिए सरकारी नौकरशाही को खत्म करने, अतिरिक्त नियमों को कम करने, सरकार के व्यर्थ के खर्च में कटौती करने और संघीय एजेंसियों के पुनर्गठन का मार्ग भी प्रशस्त करेंगे, जो कि ‘अमरेका बचाओ आंदोलन’ के लिए काफी महत्वपूर्ण है.’