नई दिल्ली:– नवीद अशरफ ने दावा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनका देश भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर को डुबोने को तैयार था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय नौसेना ने पाकिस्तानी नौसेना के डर से अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को छिपा दिया था। उन्होंने यह बात पीएनएस खैबर की कमीशनिंग सेरेमनी में किया।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर नया शिगूफा छेड़ा है। पाकिस्तानी नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ ने कहा है कि वे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर को डुबोने को तैयार थे। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी नौसेना के डर से भारत ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को छिपा दिया था। उनका यह बयान भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना समुद्र के रास्ते पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने से ‘कुछ ही मिनट दूर’ थी।
भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर को डुबोने की बात कही
मिलगम क्लास कार्वेट पीएनएस खैबर की कमीशनिंग सेरेमनी में एडमिरल नवीद अशरफ ने कहा, “मरका-ए-हक (ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी नौसेना का कथित अभियान) पाकिस्तान नौसेना भारतीय नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर को डुबोने के लिए पूरी तरह तैयार थी, जिसके कारण भारतीय नौसेना को अपने कथित सुरक्षित ठिकानों में ही पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।” इसके साथ ही, उन्होंने भारत को गीदड़भभकी देते हुए कहा कि पाकिस्तान की समुद्री सुरक्षा के लिए किसी भी चुनौती का सामना पूरी दृढ़ता के साथ किया जाएगा।
पाकिस्तानी नौसेना में पीएनएस खैबर शामिल
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, पाकिस्तानी नौसेना ने अपने बेड़े में दूसरा मिलगम क्लास कॉर्वेट पीएनएस खैबर को शामिल कर लिया है। इस समारोह को संबोधित करते हुए, नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ ने पाकिस्तान के समुद्री हितों की रक्षा करने और महत्वपूर्ण समुद्री संचार मार्गों (SLOCs) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत, संतुलित और तकनीकी रूप से उन्नत नौसेना के महत्व पर जोर दिया।
मिलगम (MILGEM) प्रोजेक्ट के बारे में
मिलगम (MILGEM) प्रोजेक्ट तुर्की का एक राष्ट्रीय युद्धपोत कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य नौसेना के लिए मल्टीरोल कार्वेट और फ्रिगेट्स का निर्माण करना है।
मिलगम प्रोजेक्ट के पहले चरण में तुर्की की नौसेना के लिए चार एडा-क्लास कार्वेट बनाए गए। इन्हें मुख्य रूप से एंटी-सबमरीन वारफेयर और तटीय सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया था।
पाकिस्तान ने तुर्की के साथ एक समझौते के तहत चार मिलगम कार्वेट हासिल किए हैं, जिन्हें वहां बाबर-क्लास के नाम से जाना जाता है।
दो जहाजों का निर्माण तुर्की में और दो का पाकिस्तान के कराची शिपयार्ड में किया गया है। इनमें 76mm की मुख्य गन, वर्टिकल लॉन्च सेल (VLS), एंटी-शिप मिसाइलें और सतह से हवा में मार करने वाली ‘अल्बाट्रॉस NG’ मिसाइलें शामिल हैं।
शहबाज शरीफ ने भी खुशी जताई
एडमिरल अशरफ ने आगे कहा कि पाकिस्तानी को “अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म और विशेष तकनीकों से लैस किया जा रहा है, जो इसे विरोधी के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे/कमजोरियों और नौसैनिक संपत्तियों को निशाना बनाने में सक्षम बनाती हैं।” पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी नौसनेा के बेड़े में युद्धपोत पीएनएस खैबर को शामिल किए जाने पर गहरी संतुष्टि और गर्व व्यक्त किया।
