नई दिल्ली:– कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की विवादित टिप्पणी पर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आयोग ने खरगे से उनके बयान पर जवाब मांगा है और पूछा है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
सूत्रों के मुताबिक, खरगे के हालिया बयान को लेकर कई शिकायतें चुनाव आयोग तक पहुंची थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि उनकी टिप्पणी चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती है और मतदाताओं के बीच गलत संदेश भेज सकती है। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने तत्काल नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य है। कोई भी बयान जो समाज में तनाव बढ़ाए, भ्रामक संदेश दे या चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करे, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस नोटिस के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर भी नजरें टिकी हैं। वहीं भाजपा ने इसे चुनाव आयोग की निष्पक्ष कार्रवाई बताते हुए कहा है कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि खरगे चुनाव आयोग को क्या जवाब देते हैं और आयोग आगे क्या कदम उठाता है। यह मामला चुनावी राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है।
