नई दिल्ली:– प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वेदांता ग्रुप के मुंबई और दिल्ली स्थित कार्यालयों पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के कथित उल्लंघन के मामले में छापेमारी की है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब कंपनी अपने कारोबार को पांच अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित (डिमर्जर) करने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है।
जांच एजेंसी भारतीय कंपनी वेदांता लिमिटेड द्वारा अपनी ब्रिटेन स्थित पैरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज को किए गए रॉयल्टी भुगतान की जांच कर रही है। आरोप है कि विदेशी कंपनी को भेजे गए भुगतान में FEMA नियमों का उल्लंघन हुआ हो सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, वेदांता रिसोर्सेज पर लगभग ₹74,000 करोड़ का कर्ज है और इसी संदर्भ में धन हस्तांतरण की जांच की जा रही है।
वेदांता ग्रुप ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। कंपनी का कहना है कि वह सभी लागू कानूनों और नियामकीय प्रावधानों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। मामला नियामकीय प्रक्रिया के अधीन होने के कारण कंपनी ने इससे अधिक टिप्पणी करने से इनकार किया है।
ED की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद शेयर बाजार में भी इसका असर दिखाई दिया। वेदांता लिमिटेड का शेयर करीब 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹334.60 पर कारोबार करता देखा गया।
गौरतलब है कि वेदांता के डिमर्जर प्रस्ताव को मई में आवश्यक नियामकीय मंजूरियां मिल चुकी हैं। प्रस्तावित योजना के तहत कंपनी के विभिन्न कारोबारों को पांच अलग-अलग इकाइयों में विभाजित किया जाएगा, जिससे चार नई सूचीबद्ध कंपनियां बाजार में आएंगी।
