नई दिल्ली:- भगवान शिव की आराधना के लिए सोमवार का दिन विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पित करने और शिव मंत्र का जप करने का विशेष महत्व है। सोमवार, 2 नवंबर को घर या मंदिर में सरल तरीके से भोलेनाथ की पूजा कर सकते हैं। जानें पूजा से जुड़े सात आसान उपाय।
- स्वच्छ जल से करें जलाभिषेक
सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। इसके बाद शिवलिंग पर धीरे-धीरे स्वच्छ जल अर्पित करें। जल चढ़ाते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करें और भगवान शिव से परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें। - श्रद्धा से अर्पित करें बेलपत्र
शिव पूजा में बेलपत्र चढ़ाने की विशेष परंपरा है। साफ बेलपत्र को जल से धोकर श्रद्धापूर्वक अर्पित करें। पूजा सामग्री उपलब्ध न हो तो केवल जल अर्पित करके भी भगवान शिव का स्मरण कर सकते हैं। - ‘ॐ नमः शिवाय’ का करें जप
पूजा के बाद शांत स्थान पर बैठकर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करें। अपनी सुविधा के अनुसार 11, 21 या 108 बार मंत्र बोल सकते हैं। इस दौरान मन को बार-बार दूसरी बातों में लगाने के बजाय प्रार्थना पर ध्यान देने का प्रयास करें।
- शिव चालीसा का पाठ करें
सोमवार को शिव चालीसा पढ़ने या सुनने की परंपरा है। सुबह समय न मिले तो शाम को भी शांत बैठकर पाठ कर सकते हैं। परिवार के साथ शिव भजन सुनना भी आराधना का सरल तरीका है।
- शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करें
धार्मिक मान्यताओं में भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त आराधना पारिवारिक सौहार्द से जोड़ी जाती है। दोनों को प्रणाम करके घर में प्रेम, सम्मान और आपसी समझ बनाए रखने की प्रार्थना करें। साथ ही परिवार के सदस्यों से मधुर व्यवहार करने का संकल्प लें।
- जरूरतमंद को भोजन या अन्न दें
अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद को भोजन, चावल या दूसरी उपयोगी सामग्री दें। दान के लिए महंगी वस्तु जरूरी नहीं है। किसी भूखे को भोजन कराना या किसी की जरूरत में सहयोग करना सेवा का सरल रूप है।
- शाम को करें आरती और प्रार्थना
शाम के समय पूजा स्थान को साफ करके भगवान शिव की आरती करें। दीपक सुरक्षित स्थान पर रखें। दिनभर की व्यस्तता के बाद कुछ समय शांत बैठें और अपने तथा परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।
पूजा में श्रद्धा और सरलता को महत्व दें। ये उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं; इनसे किसी निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं होती।
