नई दिल्ली:– झारखंड में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) के अंतर्गत नया राशन कार्ड बनवाने, पुराने कार्ड में सदस्यों के नाम जोड़ने या हटाने तथा अन्य संशोधनों को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। आवेदकों को अब पहले से अधिक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। प्रमुख प्रावधान यह है कि नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लाभुकों को घर की तस्वीर अपलोड करना जरूरी होगा।
आवेदन से पहले संबंधित डीलर के यहां ई-केवाईसी करवाना भी जरूरी किया गया है। ई-केवाईसी सत्यापन पूरा होने के बाद ही आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विभाग का कहना है कि इन नए प्रावधानों से अपात्र लोग राशन कार्ड नहीं बनवा सकेंगे और योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचेगा।
पात्रता के लिए शर्तें
नए को यह भी स्वघोषित करना होगा कि परिवार का कोई सदस्य आयकर, सेवा कर, व्यावसायिक कर या जीएसटी नहीं देता है। परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित या दस एकड़ से ज्यादा असिंचित भूमि नहीं है, चार पहिया वाहन नहीं है, तीन या अधिक कमरों का पक्का मकान नहीं है। पांच लाख या इससे अधिक कीमत का मशीनचालित कृषि उपकरण भी नहीं है।
बता दें कि विभाग ने हाल ही में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आच्छादित आठ श्रेणियों के अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड रद्द किए हैं। जांच में पता चला था कि कुछ लाभुक सालाना 25 लाख रुपये तक का जीएसटी रिटर्न भरते हुए भी योजना का लाभ उठा रहे थे, जो उनकी बेहतर आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। इसके अलावा अधिक भूमि के मालिक, दोपहिया वाहन धारक और छह लाख रुपये तक आयकर भरने वाले लाभुकों के कार्ड भी रद्द किए गए हैं।
निर्धारित सीमा व प्रतीक्षा सूची को प्राथमिकता
झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (जेएसएफएसएस) के अंतर्गत नए राशन कार्ड आवेदन तथा नए सदस्य जोड़ने संबंधी अनुरोधों पर कार्रवाई अब जिलावार निर्धारित सीमा और आवेदकों की प्रतीक्षा सूची में स्थिति के आधार पर की जाएगी। इसी तरह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएसओ) स्तर पर लंबित सभी यूआईडी सुधार एवं परिवर्तन अनुरोधों के लिए भी ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। आवेदक द्वारा ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ही संबंधित अनुरोध पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
नाम जोड़ने और रद्द करने की प्रक्रिया भी बदली
पुराने राशन कार्ड में नए सदस्य का नाम जुड़वाने की प्रक्रिया भी बदल दी गई है। यदि सदस्य का नाम जन्म के आधार पर जोड़ा जा रहा है तो जन्मप्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। विवाह के जरिए नाम जुड़वाने पर पिछले राशन कार्ड से सदस्य का नाम हटाए जाने की स्वीकृति का दस्तावेज देना होगा। दत्तक सदस्य जोड़ने के मामले में दत्तक ग्रहण प्रमाण पत्र जरूरी होगा। स्थानांतरित या परिवार से अलग हुए सदस्य के लिए पिछले राशन कार्ड से नाम हटाए जाने का प्रमाण पत्र देना होगा। राशन कार्ड रद्द या सरेंडर की प्रक्रिया अब परिवार के मुखिया की सहमति से ही पूरी होगी। इसके लिए भी यूआईडी आधारित ओटीपी सत्यापन जरूरी होगा।
