नई दिल्ली : बीसीसीआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष, झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अमिताभ चौधरी का मंगलवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया.62 वर्षीय अमिताभ सुबह घर में पूजा कर रहे थे, तब उन्हें हार्ट अटैक आया. उन्हें तत्काल रांची के सैंटेविटा हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पूरे देश में खेल प्रशासक के रूप में उनकी अपनी पहचान थी. वह मूलरूप से बिहार के दरभंगा जिले के मनीगाछी के बाथो गांव के रहने वाले थे.
चौधरी को 2020 में झारखंड लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.2019 तक वह भारतीय क्रिकेट बोर्ड के कार्यवाहक सचिव थे. रांची में जेएससीए स्टेडियम बनाने में उनकी अहम भूमिका थी. उन्होंने लंबे वक्त तक झारखंड क्रिकेट एसोसिएसन का नेतृत्व किया था. लोढ़ा समिति की सिफारिशों के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए ‘कूलिंग-ऑफ’ क्लॉज के कारण वह 2019 में जेएससीए का चुनाव नहीं लड़ सके.हेमंत सोरेन ने दुख जाहिर कर किया ट्विटझारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्विटर पर चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “जेएससीए के पूर्व अध्यक्ष श्री अमिताभ चौधरी जी के आकस्मिक निधन की दुखद खबर मिली.
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ जी ने राज्य में क्रिकेट के खेल को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोक संतप्त परिवार को दुख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे.”भारतीय क्रिकेट टीम के मैनेजर भी रह चुके थे अमिताभ चौधरीक्रिकेट में उनका जुनून अलग ही लेवल का था. यही वजह रही कि 2005-06 में जिम्बाब्वे के दौरे पर वह भारतीय टीम के मैनेजर थे. उनके करियर में कई चुनौतियां भी आईं. जिम्बाब्वे के इसी दौरे के बाद गांगुली-चैपल विवाद खड़ा हो गया.
जब वह आगे चलकर सीईओ बने तो विराट कोहली-अनिल कुंबले विवाद से भी उन्हें निपटना पड़ा.हरभजन ने जताया दुःखउनके निधन पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी दुख व्यक्त किया और लिखा कि,’JSCA के पूर्व अध्यक्ष और बीसीसीआई के पूर्व सचिव श्री अमिताभ चौधरी के निधन की खबर सुनकर हैरान हूं. एक सफल क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर उन्होंने खेल पर अपनी छाप छोड़ी. उनके परिवार और रिश्तेदारों के लिए मेरी सांत्वना