मध्यप्रदेश:– मोहन यादव ने शनिवार को राजधानी भोपाल स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण स्कूल में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर मंथन किया। इस बैठक को “किसान कल्याण वर्ष” के तहत नीतिगत फैसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, ऊर्जा समेत कई विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हुए। सभी विभागों से किसानों की आय बढ़ाने और सुविधाओं को बेहतर बनाने के सुझाव लिए गए।
फैसलों पर जल्द होगा अमल
मुख्यमंत्री मोहन यादव बैठक के बाद प्रदेश के सभी कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। इसमें अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि आज लिए गए निर्णयों को तेजी से जमीन पर उतारा जाए, ताकि किसानों को सीधा लाभ मिल सके।
गेहूं खरीदी लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। यह फैसला रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए लिया गया है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं
गेहूं खरीदी अब सप्ताह में 6 दिन होगी, शनिवार को भी केंद्र खुले रहेंगे, स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाकर 9 मई तक की गई, समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी रहेगी, उड़द पर MSP के साथ ₹600 प्रति क्विंटल बोनस, किसानों को 4 गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान, ₹5 में कृषि पंप कनेक्शन योजना, दिन में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की योजना, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा, किसानों को बेहतर कीमत, दुग्ध उत्पादन और आय में भी इजाफा होगा। प्रदेश को “मिल्क कैपिटल” बनाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। 1752 नई दुग्ध समितियों के गठन के साथ दूध संग्रह 10 लाख किलो प्रतिदिन से अधिक पहुंच चुका है। किसानों को दूध के दाम में ₹8–10 प्रति किलो तक का फायदा मिल रहा है।
सरकार की यह बैठक किसानों के लिए राहत और आय बढ़ाने वाले बड़े फैसलों का संकेत दे रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन योजनाओं का फायदा जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से पहुंचता है।
