सुकमा: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में फर्जी नक्सली मामले में गठित समिति ने साठ नक्सली प्रकरणों का निराकरण कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने बताया कि डीएसपी पारूल गर्ग समेत 10 सदस्यों की टीम ने कल फर्जी नक्सली प्रकरण के मामले में सुनवायी करते हुए 60 प्रकरणों को निराकरण कर दिया गया है। इस मामले में 413 आदिवासियों को रिहा कर दिया गया है। बाकी 50 प्रकरणों को दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि नक्सल प्रकरणों को जल्द से जल्द निराकरण करने के लिये जिला स्तर पर टीम गठित किया गया है। इस टीम मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही डीएसपी पारुल गर्ग समेत दस सदस्यीय टीम रहेगी जो उन प्रकरणों के निदान के लिये गवाहों की गवाही तथा कानूनी मदद करेगी। शेष बचे प्रकरणों में 258 आदिवासियों की रिहाई होनी है।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में किये वादे के तहत बस्तर के जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों को रिहा कर रही है। प्रदेश में यह पहला मौका है, जब सरकार एक साथ इतने आदिवासियों को रिहा कर रही है।