छत्तीसगढ़:– सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और सम्मान को लेकर छत्तीसगढ़ ने देशभर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (NAMASTE) योजना के तहत राज्यों के प्रदर्शन के मूल्यांकन में छत्तीसगढ़ को संयुक्त रूप से देश में पहला स्थान मिला है। छत्तीसगढ़ के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी ने भी इस योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस उपलब्धि के लिए योजना के क्रियान्वयन में जुटे अधिकारियों, कर्मचारियों और मैदानी अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियां राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
मशीनीकरण पर सरकार का जोर
नमस्ते योजना का मुख्य उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई को अधिक सुरक्षित बनाना तथा जोखिमपूर्ण मानवीय हस्तक्षेप को कम करना है। इसके लिए सफाई कार्यों में आधुनिक मशीनों और तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार का जोर इस बात पर है कि स्वच्छता कर्मियों को जोखिम भरे काम से बचाते हुए उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मशीनीकरण के विस्तार को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
100 अंकों के पैमाने पर हुआ राज्यों का आकलन
नमस्ते योजना के तहत राज्यों के प्रदर्शन को 100 अंकों के निर्धारित मानकों पर परखा गया। इसमें स्वच्छता कर्मियों की पहचान और सत्यापन से लेकर सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षा उपकरणों तक कई पहलुओं को शामिल किया गया। मूल्यांकन में प्रोफाइल किए गए स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन के लिए 20 अंक, एसयूवाई के माध्यम से मशीनीकरण के लिए 10 अंक, ईआरएसयू और 14420 हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 अंक, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच के लिए 20 अंक, स्वच्छता मृत्यु के मामलों में कार्रवाई, मुआवजा और जवाबदेही के लिए 30 अंक निर्धारित किए गए थे। वहीं स्वच्छता मृत्यु के मामलों में नकारात्मक अंक देने का भी प्रावधान रखा गया था। इन सभी मानकों के आधार पर छत्तीसगढ़ ने अन्य राज्यों के साथ संयुक्त रूप से प्रथम रैंक प्राप्त की।
1487 स्वच्छता कर्मियों का हुआ सर्वेक्षण
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक 1487 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सर्वेक्षण किया गया है। इनमें से 1465 कर्मियों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। राज्य के 169 नगरीय निकायों में 1428 कर्मियों को पीपीई किट उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 1374 कर्मियों को आयुष्मान भारत कार्ड भी प्रदान किए गए हैं। सुरक्षा प्रशिक्षण की दिशा में भी काम किया गया है। अब तक 139 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि 923 स्वच्छता कर्मियों के लिए कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपायों की जानकारी दी गई है।
