नई दिल्ली:– भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर दिए गए उनके हालिया बयान पर सियासी बवाल मचा हुआ है। पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों को ‘गटर जनरेशन’ कहा और अब यह सवाल उठाया कि “ये किस तरह के छात्र हैं?”। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है और सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छिड़ गई है।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब कंगना रनौत के किसी बयान ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया हो। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने कई ऐसे बयान दिए हैं, जिन पर संसद से लेकर सड़क तक हंगामा हुआ। कई बार उनकी अपनी पार्टी बीजेपी को भी उनके बयानों से दूरी बनानी पड़ी और आधिकारिक सफाई देनी पड़ी।
छात्रों पर बयान से फिर बढ़ा विवाद
कंगना रनौत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपने छात्र जीवन में भी आंदोलनों में हिस्सा लिया है, लेकिन आज के प्रदर्शनकारी जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह बेहद अशोभनीय है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के लिए जिस तरह के शब्द इस्तेमाल किए गए, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकते।
इससे पहले कंगना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगातार कई स्टोरी शेयर करते हुए प्रदर्शनकारियों को ‘गटर जनरेशन’ बताया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी अभद्र भाषा और व्यवहार पहले कभी नहीं देखा। कंगना ने यह भी कहा कि भारत अपनी संस्कृति, शालीनता और सभ्यता के लिए जाना जाता है, लेकिन इस तरह की भाषा देश की छवि को नुकसान पहुंचाती है।
1947 की आजादी को बताया था ‘भीख’
कंगना रनौत का सबसे चर्चित और विवादित बयान नवंबर 2021 में आया था। एक टीवी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि 1947 में मिली आजादी ‘भीख’ थी और भारत को असली आजादी 2014 में मिली, जब नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई। उनके इस बयान पर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। विपक्षी दलों के साथ-साथ बीजेपी के तत्कालीन सांसद वरुण गांधी ने भी इस बयान की आलोचना की थी। सोशल मीडिया पर भी इस टिप्पणी को लेकर लंबी बहस चली थी।
किसान आंदोलन पर दिए बयान से भी मचा था बवाल
अगस्त 2024 में एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान कंगना रनौत ने किसान आंदोलन को लेकर भी विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि यदि केंद्र सरकार मजबूत नहीं होती तो भारत में बांग्लादेश जैसे हालात बन सकते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि किसान आंदोलन के दौरान हिंसा हुई, महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुए और लोगों की हत्याएं की गईं।
इस बयान के बाद विपक्ष ने कंगना पर निशाना साधा। विवाद बढ़ने पर बीजेपी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि कंगना रनौत को पार्टी के नीतिगत विषयों पर बयान देने का अधिकार नहीं है और उनके विचार पार्टी की आधिकारिक राय नहीं हैं। पार्टी ने उन्हें भविष्य में ऐसे बयान देने से बचने की सलाह भी दी थी।
किसान आंदोलन की बुजुर्ग महिला पर टिप्पणी
दिसंबर 2020 में किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक बुजुर्ग महिला किसान को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि वह महिला 100 रुपये लेकर प्रदर्शन में शामिल होती हैं। बाद में यह मामला काफी चर्चा में रहा और इस बयान की देशभर में आलोचना हुई। इसी विवाद को लेकर चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर एक महिला CISF कॉन्स्टेबल द्वारा कंगना को थप्पड़ मारने की घटना भी सुर्खियों में रही थी।
राहुल गांधी को कहा था ‘टपोरी’
मार्च 2026 में संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कंगना रनौत ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने राहुल गांधी को ‘टपोरी’ बताते हुए कहा था कि उनका व्यवहार महिलाओं के लिए असहज करने वाला है। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा से करते हुए कहा था कि उन्हें अपने व्यवहार से सीख लेनी चाहिए। इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और राजनीतिक माहौल गर्म हो गया था।
हर बयान के बाद बढ़ी सियासी गर्मी
कंगना रनौत की पहचान एक बेबाक नेता के रूप में रही है, लेकिन उनके कई बयान लगातार विवादों में रहे हैं। चाहे 1947 की आजादी को लेकर टिप्पणी हो, किसान आंदोलन पर बयान हो, राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी हो या अब छात्रों को लेकर दिया गया बयान—लगभग हर बार उनके बयान ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। कई मामलों में उनकी अपनी पार्टी बीजेपी को भी सार्वजनिक रूप से सफाई देनी पड़ी है।
अब छात्रों पर दिए गए ताजा बयान के बाद एक बार फिर सियासत गरमा गई है। विपक्ष जहां कंगना के बयान को युवाओं का अपमान बता रहा है, वहीं उनके समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत राय का हिस्सा बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
