Close Menu
Tv36Hindustan
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    Home » लगातार 12वीं तिमाही उम्मीद से बेहतर रही GDP, प्राइवेट इन्वेस्टमेंट बना भारत की ग्रोथ का ‘सीक्रेट’…
    समाचार

    लगातार 12वीं तिमाही उम्मीद से बेहतर रही GDP, प्राइवेट इन्वेस्टमेंट बना भारत की ग्रोथ का ‘सीक्रेट’…

    By Tv36 HindustanSeptember 2, 2026No Comments6 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn VKontakte Email Tumblr
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली:– वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत की GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी रहने का अनुमान है। खास बात यह है कि भारत ने लगातार 12वीं तिमाही में अर्थशास्त्रियों के अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है।
    एक तरफ पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव है, वहीं भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है। दूसरी तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये की कमजोरी जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं। इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत ग्रोथ ने बाजार और अर्थशास्त्रियों का ध्यान खींचा है।

    तो आखिर भारत की GDP को इतनी मजबूती कहां से मिल रही है? इसके पीछे सबसे अहम वजहों में से एक प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में तेजी को माना जा रहा है।

    GDP की तेज रफ्तार का असली ‘सीक्रेट’ क्या है?
    भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश का पैटर्न धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। पहले विकास को मुख्य रूप से सरकारी खर्च और घरेलू खपत का सहारा मिलता था, लेकिन अब निजी क्षेत्र भी बड़े पैमाने पर पूंजी खर्च कर रहा है।
    अप्रैल-जून तिमाही में निवेश में 11.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संकेत देता है कि कंपनियां भविष्य की मांग को लेकर पहले की तुलना में ज्यादा भरोसे के साथ नए प्रोजेक्ट और विस्तार योजनाओं पर पैसा लगा रही हैं।

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन (GFCF) यानी अर्थव्यवस्था में निवेश का मोटा संकेतक, एक साल पहले के 31.4 फीसदी से बढ़कर 34.3 फीसदी हो गया।

    सरकारी निवेश से अब प्राइवेट सेक्टर को मिल रहा सहारा
    पिछले कुछ वर्षों में भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च आर्थिक गतिविधियों का बड़ा आधार रहा है। सड़क, रेलवे, लॉजिस्टिक्स और दूसरे बुनियादी ढांचे पर लगातार निवेश से अब निजी कंपनियों को भी नए अवसर मिल रहे हैं।

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। यह पांच साल पहले की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है।

    सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे पर लगातार खर्च किए जाने से निजी कंपनियों के लिए भी निवेश का माहौल तैयार हो रहा है। इसे अर्थव्यवस्था में सरकारी निवेश से निजी निवेश की ओर बढ़ते बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

    बैंक क्रेडिट में भी दिख रही तेजी
    प्राइवेट इन्वेस्टमेंट की बढ़ती रफ्तार का असर बैंकिंग सेक्टर के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है।

    RBI के आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई तक बैंक क्रेडिट में 19 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह पिछले करीब एक दशक की सबसे तेज रफ्तार बताई जा रही है। वहीं इंडस्ट्री को दिए जाने वाले बैंक क्रेडिट में करीब 20 फीसदी की वृद्धि हुई है।

    इससे संकेत मिलता है कि कंपनियों और दूसरे कारोबारी क्षेत्रों में कर्ज की मांग बढ़ रही है। बैंकिंग सिस्टम से मिलने वाला फंड नए निवेश और विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

    किन सेक्टर में बढ़ रहा प्राइवेट निवेश?
    भारत में निजी कंपनियों का निवेश कई नए और रणनीतिक क्षेत्रों की तरफ बढ़ रहा है। इनमें खासतौर पर ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी, डिफेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं।

    इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की वजह सिर्फ मौजूदा मांग नहीं है, बल्कि कंपनियां भविष्य की टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन को ध्यान में रखकर भी क्षमता बढ़ा रही हैं।

    इंडस्ट्री चैंबर ASSOCHAM के महासचिव सौरभ सान्याल के मुताबिक, रेलवे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिला है।

    टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर बन रहे नए ग्रोथ इंजन
    भारत की अगली आर्थिक ग्रोथ में टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका तेजी से बढ़ सकती है।

    Google और Amazon जैसी बड़ी ग्लोबल टेक कंपनियों ने भारत में डेटा सेंटरों के विस्तार के लिए आने वाले वर्षों में बड़े निवेश की योजनाओं का ऐलान किया है। इससे न सिर्फ डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि बिजली, कंस्ट्रक्शन, नेटवर्किंग और दूसरी सहायक इंडस्ट्री में भी निवेश को बढ़ावा मिल सकता है।

    इसी तरह सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की भारत की कोशिश भी लंबे समय में देश के औद्योगिक ढांचे को बदल सकती है।
    डिफेंस और एयरोस्पेस में भी बढ़ी गतिविधियां
    भारत अब डिफेंस और एयरोस्पेस में भी घरेलू क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। स्वदेशी तकनीक, रॉकेट, एयरक्राफ्ट और इंजन से जुड़ी परियोजनाओं में बढ़ती गतिविधियां इसका संकेत हैं।

    डिफेंस सेक्टर में सरकारी मांग के साथ-साथ घरेलू कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से निजी निवेश के लिए भी नए अवसर बन रहे हैं।

    इससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और डिफेंस प्रोडक्शन दोनों को लंबे समय में फायदा मिल सकता है।

    कंपनियां अब ज्यादा पैसा क्यों लगा रही हैं?
    विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय कंपनियों की बैलेंस शीट पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में है। कई कंपनियों ने पिछले वर्षों में कर्ज कम किया है और अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत की है।

    अब जब मांग और आर्थिक गतिविधियों में मजबूती दिखाई दे रही है, तो कंपनियां नई क्षमता तैयार करने, टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने और कारोबार का विस्तार करने पर खर्च बढ़ा रही हैं।

    सिटी के आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया कि मार्च 2026 तक लिस्टेड भारतीय कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर में 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि इससे पहले यह वृद्धि करीब 8 फीसदी थी।

    क्या GDP की तेज ग्रोथ आगे भी जारी रहेगी?
    विशेषज्ञों को उम्मीद है कि निवेश में आई यह तेजी 2027-28 तक जारी रह सकती है। कॉर्पोरेट बैलेंस शीट की बेहतर स्थिति और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च को इसका आधार माना जा रहा है।

    हालांकि, आगे की राह पूरी तरह आसान नहीं है। भारत की अर्थव्यवस्था को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, भू-राजनीतिक तनाव, रुपये की कमजोरी और महंगाई जैसे जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।

    अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इससे कंपनियों की इनपुट लागत बढ़ने और महंगाई पर दबाव आने की आशंका रहती है।

    GDP ग्रोथ में आ सकती है थोड़ी नरमी
    HSBC के अर्थशास्त्रियों ने भी संकेत दिया है कि मौजूदा मजबूत GDP ग्रोथ के बाद आगे कुछ नरमी देखने को मिल सकती है।

    इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। इनमें सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर की रफ्तार में संभावित कमी, बारिश से जुड़ी अनिश्चितता, टैक्स कटौती से मिलने वाले सपोर्ट का कम होना और पिछले साल के मजबूत आंकड़ों का बेस इफेक्ट शामिल हैं।

    यानी भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत नजर आ रही है, लेकिन आने वाली तिमाहियों में ग्रोथ की रफ्तार को लेकर कुछ चुनौतियां बनी रह सकती हैं।

    रोजगार के मोर्चे पर अभी चुनौती
    भारत की GDP में निवेश बढ़ रहा है, लेकिन इसका सीधा फायदा रोजगार के मोर्चे पर उतना स्पष्ट नहीं दिख रहा है।

    ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से उत्पादकता तो बढ़ सकती है, लेकिन इन सेक्टर में पारंपरिक उद्योगों की तुलना में प्रति निवेश राशि कम नौकरियां पैदा होने की चुनौती भी है।

    इसलिए आने वाले समय में भारत के सामने सिर्फ तेज आर्थिक विकास बनाए रखने की ही चुनौती नहीं होगी, बल्कि ऐसी ग्रोथ सुनिश्चित करने की भी जरूरत होगी जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हो।

    Post Views: 125

    chhattisgarh Hindi khabar Hindi news hindinews india Raipur Today latest news Today news
    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Tumblr
    Previous Articleआज राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक, पहले CEO के नाम पर लगेगी मुहर इन बड़े पदों पर भी हो सकता है फैसला…
    Tv36 Hindustan

    Related Posts

    आज राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक, पहले CEO के नाम पर लगेगी मुहर इन बड़े पदों पर भी हो सकता है फैसला…

    September 2, 2026

    भारत खरीदेगा 5 और S-400, 10 स्क्वाड्रन होने पर और मजबूत होगा एयर डिफेंस; इस सीमा पर बढ़ेगी ताकत…

    September 2, 2026

    आज बुधवार को करें ये 7 खास उपाय, भाद्रपद कृष्ण षष्ठी पर मिलेगा गणेश जी का आशीर्वाद…

    September 2, 2026

    12 राशियों के लिए ऐसा रहेगा आज का दिन नौकरी, कारोबार, धन, प्रेम और सेहत का जानें हाल…

    September 2, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -Ads-
    Ads
    -Ads-
    Ads
    -ADS-
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • लगातार 12वीं तिमाही उम्मीद से बेहतर रही GDP, प्राइवेट इन्वेस्टमेंट बना भारत की ग्रोथ का ‘सीक्रेट’…
    • आज राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक, पहले CEO के नाम पर लगेगी मुहर इन बड़े पदों पर भी हो सकता है फैसला…
    • भारत खरीदेगा 5 और S-400, 10 स्क्वाड्रन होने पर और मजबूत होगा एयर डिफेंस; इस सीमा पर बढ़ेगी ताकत…
    • आज बुधवार को करें ये 7 खास उपाय, भाद्रपद कृष्ण षष्ठी पर मिलेगा गणेश जी का आशीर्वाद…
    • 12 राशियों के लिए ऐसा रहेगा आज का दिन नौकरी, कारोबार, धन, प्रेम और सेहत का जानें हाल…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?