नई दिल्ली:– 1 फरवरी के बजट में कई तरह के अनाउंसमेंट किए गए. इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बड़ी घोषणा बुजुर्गों को लेकर भी की. वित्त मंत्री ने कहा कि सीनियर सिटिजंस को ब्याज से होने वाली कमाई पर टीडीएस छूट को नए फाइनेंशियल ईयर में दोगुना कर दिया जाएगा. इस घोषणा के बाद बुजुर्गों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना जैसी स्कीम्स काफी फायदेमंद हो गई हैं. अगर आप भी FD में निवेश करना चाहते हैं तो नए फाइनेंशियल ईयर से घर के बुजुर्गों के नाम से FD करवाएं, इससे आप डबल मुनाफा कमा सकते हैं. समझिए कैसे.
दरअसल देश के ज्यादातर बुजुर्ग एफडी को निवेश का भरोसेमंद जरिया मानते हैं और रिटायरमेंट के बाद अपनी जमापूंजी पर किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते हैं. इसलिए अपनी रकम को वो सुरक्षित रखने के लिए एफडी में निवेश करते हैं. सरकार ने इसे ध्यान में रखते हुए एफडी पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ाकर इसे दोगुना कर दिया है.
अब तक बुजुर्गों की एफडी पर ब्याज के जरिए सालाना कमाई अगर 50,000 रुपए से ज्यादा हो जाए तो TDS काटा जाता है, लेकिन नए फाइनेंशियल ईयर से ये लिमिट 1,00,000 रुपए होगी. मतलब अगर FD, SCSS जैसी स्कीम्स से वो ब्याज के तौर पर 1,00,000 तक कमाई करते हैं, तो उस पर टीडीएस कटौती नहीं की जाएगी.
बुजुर्गों के लिए टीडीएस कटौती की लिमिट बेशक दोगुनी है, लेकिन आपके लिए अब भी ये लिमिट 40,000 रुपए है. ऐसे में अगर आप नए फाइनेंशियल ईयर में खुद की बजाय अपने घर के किसी बुजुर्ग के नाम से एफडी करेंगे, तो आप ब्याज से हुई कमाई पर मिली छूट का फायदा ले पाएंगे.
मान लीजिए कि आप 3 साल की FD में खुद के नाम से 3,00,000 रुपए का निवेश करते हैं और उस पर 7 फीसदी के हिसाब से ब्याज दिया जाता है तो ब्याज से 69,432 रुपए की कमाई होगी. चूंकि सामान्य लोगों के लिए टीडीएस कटौती की लिमिट 40,000 है, ऐसे में 69,432 रुपए की कमाई पर टीडीएस कटौती होगी. वहीं अगर आप इसी रकम को अपने घर के किसी बुजुर्ग के नाम से कराएंगे तो आपको 0.50% फीसदी ज्यादा ब्याज मिलेगा और टीडीएस की कटौती भी नहीं होगी. ऐसे में आपको 3,00,000 रुपए पर 7.5% के हिसाब से 74,915 रुपए की ब्याज से कमाई होगी, लेकिन उस पर टीडीएस की कटौती नहीं होगी.
बजट स्पीच के दौरान वित्त मंत्री ने घोषणा की कि जिनके पास पुराने नेशनल सेविंग्स स्कीम (NSS) अकाउंट्स हैं, जिन अकाउंट्स में अब इंटरेस्ट नहीं मिलता, उनमें अगस्त 2024 के बाद की गई निकासी को टैक्स फ्री कर दिया जाएगा. देश के कई वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों के पास पुराने एनएसएस खाते हैं, जिन पर ब्याज नहीं मिलता. उनको इससे काफी राहत मिलेगी.
