वाराणसी: उत्तरप्रदेश के वाराणसी में टैटू बनवाना कुछ युवक और युवतियों को महंगा पड़ गया। एक साथ 12 लोग एचआईवी से संक्रमित पाए गए है। स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि टैटू बनवाने में यूज की गई सुई के कारण यह संक्रमण फैला है। फिलहाल यह मामले सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है। सभी का इलाज पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल के एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट सेंटर की ओर से शुरू हो गया है।
मिली जानाकारी के अनुसार बता दें कि इन सभी एचआईवी पीड़ित युवाओं की जांच पंडित दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में करवाई गई थी। जिनमें एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है। एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट करने वाले डॉक्टर्स का कहना है कि एक ही सुई से टैटू बनवाने की वजह से सभी एचआईवी से संक्रमित हुए होंगे। बता दें कि इन सभी ने हाल ही में टैटू बनवाया था।
टैटू बनवाने के बाद से इन सभी को लगातार बुखार और कमजोरी जैसा महसूस हो रहा था। जब सामान्य दवाइयों से आराम नहीं मिल पाया और उन्हे ये महसूस किया कि उनका वजन भी काफी तेजी से कम हो रहा है। ऐसे लक्षणों के बाद जब इनका ब्लड टेस्ट हुआ तो उसमें इनके एचआईवी पॉजिटिव होने की पुष्टि हो गई।आपको बता दें कि सस्ते के चक्कर में लोग सड़क पर बिना कुछ सोचे समझे अनप्रोफेशनल लोगों से टैटू बनवाने लगते हैं। टैटू बनाने वाले अक्सर उनकी सुई के महंगी होने की वजह से उसे चेंज नहीं करते। यानी एक ही सुई से कई लोगों की बॉडी में टैटू बना दिया जाता है।
साफ है कि अगर उनमें से कोई भी HIV संक्रमित हुआ तो बाकी लोग भी उस कॉमन सुई के इस्तेमाल से एड्स के रोगी बन जाएंगे। हाल ही के कुछ वर्षों में युवा लड़के और लड़कियों के बीच शरीर में टैटू गुदवाने का चलन बढ़ा है।
ऐसे में आप भी किसी से प्रेरणा लेकर टैटू बनवाना चाहते हैं तो आपको कुछ सावधानियां बरतने के लिए गांठ बांध लेनी चाहिए। यानी जब और जहां भी टैटू बनवाएं तो विशेष ध्यान दें कि टैटू आर्टिस्ट सभी के लिए नई सुई का ही इस्तेमाल करता हो।