नई दिल्ली:– भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील में महाराष्ट्र के किसानों को काफी राहत मिली है। इसके अलावा यहां के ऐसे किसान जो समुद्री उत्पाद या फिर हीरा-जवाहरात का कारोबार करते हैं। उनको भी बड़ा लाभ मिल सकता है। इसकी वजह यह है कि ट्रेड डील में हीरा-जवाहरात आने वाले समय में अमेरिका शून्य टैरिफ पर जाएंगे। जिससे इसका कारोबार करने वाले कारोबारियों को लाभ होगा।
इसी तरह से समुद्री उत्पाद को भी इसी श्रेणी में रखा जाएगा। जिससे उनको भी लाभ होगा। ट्रेड डील में महाराष्ट्र के नागपुर और नासिक को काफी राहत मिली है। इसकी वजह यह है कि सरकार ने संतरा और ड्राइड या सूखे हुए प्याज के आयात को पूरी तरह से बंद रखने का निर्णय किया है। ऐसा होने से संतरा नगरी के नाम से मशहूर नागपुर को बड़ी राहत मिली है।
इससे यहां के किसानों को भी नुकसान होता। लेकिन सरकार ने अमेरिकी संतरा के लिए अपना बाजार नहीं खोला है। जिससे संतरा नगरी को काफी राहत मिली है। इसी तरह से सरकार ने ड्राइड प्याज या सूखा हुआ प्याज भी अमेरिका से भारत में नहीं लाने का निर्णय किया है।
इसके लिए ट्रेड डील में अमेरिकी ड्राइड प्याज को भी इजाजत नहीं दी गई है। इससे नासिक को काफी राहत मिलेगी। देश भर में नासिक का प्याज लोगों की पसंद है। जब भी यहां पर किसी तरह की प्याज की कमी होती है। उस समय देश में प्याज के दामों में बढ़ोतरी देखी जाती है। लेकिन सरकार ने देश में अमेरिकी ड्राइड प्याज को इजाजत नहीं दी है।
किसानों का नुकसान नहीं
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि महाराष्ट्र की बात करें तो सी-फूड के कारोबार में लगे किसान और हीरा-आभूषण-जवाहरात के कारोबारियों को काफी लाभ होगा। इसकी वजह यह है कि अमेरिका में अब ये उत्पाद शून्य टैरिफ पर जा पाएंगे जिससे हमारे किसानों और कारोबारियों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इस क्षेत्र में काम करने वालों के बीच एक खुशी की लहर है।
सरकार ने ट्रेड डील में यह ध्यान रखा है कि हमारे किसानों को कोई नुकसान नहीं हो। उन्होंने कहा कि कपास के उच्च गुणवत्ता वाले उस उत्पाद को ही इजाजत दी गई है। जो भारत में नहीं होता है। यही नहीं, यह इजाजत भी पहले से तय बंधनों के साथ दी गई है। यह इजाजत कांग्रेस के समय से मिली हुई है। इसमें भी सीमित मात्रा में कपास यहां आ पाएगा।
