बिहार :– अब गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द लिखवाना भारी पड़ सकता है। परिवहन विभाग ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वाहन पर ‘ब्राह्मण’, ‘क्षत्रिय’, ‘यादव’ या किसी भी जाति से जुड़े शब्द और स्टिकर लगाए पाए गए तो वाहन मालिकों पर कार्रवाई होगी। नियम तोड़ने वालों से 2 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा।
परिवहन विभाग ने सभी वाहन मालिकों को एक महीने के भीतर अपनी गाड़ियों से जातिसूचक शब्द और स्टिकर हटाने का निर्देश दिया है। तय समय सीमा खत्म होने के बाद ट्रैफिक पुलिस विशेष अभियान चलाकर जांच करेगी और नियम का उल्लंघन करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 और 179 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, बिहार समेत कई राज्यों में गाड़ियों पर जाति दर्शाने वाले शब्द लिखवाने का चलन तेजी से बढ़ा है। अब सरकार इसे रोकने के लिए सख्ती दिखा रही है। विभाग का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के शब्द सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं और यातायात नियमों का उल्लंघन भी माने जाएंगे।
इसी के साथ बिहार में AI कैमरों से लैस इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) भी तेजी से लागू किया जा रहा है। राज्यभर में करीब 700 जगहों पर हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे, जो ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान कर सीधे चालान काटेंगे।
इन AI कैमरों में फेसियल रिकग्निशन और सर्विलांस जैसी आधुनिक तकनीक भी होगी। यानी सिर्फ गाड़ी ही नहीं, बल्कि वाहन चलाने वाले व्यक्ति की भी पहचान हो सकेगी। इससे बार-बार नियम तोड़ने वालों पर नजर रखना आसान होगा और अपराधियों की निगरानी में भी मदद मिलेगी।
परिवहन विभाग ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को नए स्थानों की पहचान कर जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बिहार की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह हाईटेक निगरानी सिस्टम के तहत काम करेगी।
