मध्यप्रदेश:– यह एक दिलचस्प पारंपरिक मान्यता है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी जिसे ताम्र जल कहा जाता है पीने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. इस पानी को पीने से शरीर को फायदा तो मिलता ही है, पर कहा जाता है कि यह बालों का सफेद होना भी कम करता है. आइए समझते हैं इस दावे का वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से क्या आधार है.
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद के अनुसार, तांबा शरीर के त्रिदोषों वात, पित्त, कफ को संतुलित करने में मदद करता है. माना जाता है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी सुबह खाली पेट पीने से पाचन सुधरता है, त्वचा निखरती है और बालों की जड़ें मजबूत होती हैं. तांबा मेलानिन बनने में मदद करता है, यही पिगमेंट बालों को काला रखता है. इसलिए परंपरागत रूप से कहा जाता है कि ताम्र जल बाल सफेद होने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है.
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
कॉपर एक ट्रेस मिनरल है जो शरीर में मेलानिन उत्पादन में शामिल टायरोसिनेज एंजाइम को सक्रिय करने में भूमिका निभाता है. अगर शरीर में कॉपर की कमी हो तो बाल समय से पहले सफेद हो सकते हैं. लेकिन सिर्फ तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से इतना कॉपर नहीं मिलता कि इससे सीधे बालों का रंग वापस आ जाए या सफेदी पूरी तरह रुक जाए. यानी, यह सहायक हो सकता है, लेकिन एकमात्र उपाय नहीं.
सावधानी
बहुत ज्यादा तांबा शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकता है कॉपर टॉक्सिसिटी. तांबे का बर्तन साफ रखें, उसमें पानी 6–8 घंटे से ज्यादा न रखें. स्टील या ग्लास में निकालकर ही पानी पीएं.
संतुलित सुझाव
सफेद बालों की समस्या से बचने के लिए ये चीजें साथ में करें:
कॉपर, आयरन और विटामिन B12 से भरपूर आहार लें जैसे पालक, बादाम, दालें, बीज, गुड़,
तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें.
हेयर ऑयल में भृंगराज, आंवला और करी पत्ता जैसे तत्व शामिल करें.
धूम्रपान और शराब से बचें।
