
कोरबा / जिले के ग्रामीण क्षेत्र के पहाड़ी कोरवा छात्र समर कोरवा के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। घर से विद्यालय की दूरी और पढ़ाई के लिए सीमित संसाधनों के कारण उनकी शिक्षा नियमित रूप से जारी रखना कठिन हो रहा था। परिवार के लिए पढ़ाई के साथ रहने और भोजन की व्यवस्था कर पाना भी चुनौती थी।
आदिवासी विकास विभाग की अनुसूचित जनजाति छात्रावास में आवासीय सुविधा अंतर्गत समर को फत्तेगंज स्थित बालक छात्रावास में प्रवेश मिला। यहां रहने और भोजन की सुविधा के साथ उन्हें पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिला। छात्रावास में रहने से विद्यालय जाना सहज हुआ और अब वे नियमित रूप से स्कूल जा रहे हैं।
समर बताते हैं कि छात्रावास में पढ़ाई का अच्छा वातावरण है। यहां रहने से उनकी पढ़ाई में नियमितता आई है और वे शिक्षा पर बेहतर ढंग से ध्यान दे पा रहे हैं। छात्रावास की सुविधा ने परिवार की चिंता कम की है और समर को आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
यह सुविधा समर के लिए पढ़ाई जारी रखने का मजबूत सहारा बनी है। नियमित विद्यालय जाना और पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिलना उनके उज्ज्वल भविष्य की राह आसान कर रहा है।
