नई दिल्ली:- सूजी का हलवा और रवा डोसा तो आपने खूब खाया होगा. लेकिन लोग सूजी और रवा को तो एक ही मानते हैं, फिर इसे सूजी का डोसा और रवा का हलवा क्यों नहीं कहते? यह दिखने में भी एक जैसा होता है और स्वाद में भी. भारतीय रसोई में सूजी यानी रवा का इस्तेमाल भी खूब होता है. आइए जानते हैं अब इस खबर में कि दोनों में क्या अंतर है…
कभी कोई सूजी को रवा कहता है तो कोई रवा को सूजी. दरअसल, दोनों को सेम माना जाता है. यह दोनों ड्यूरम गेहूं से बनते हैं. लेकिन भारत में जब भी आप एक जगह से दूसरे जगह जाएंगे तो खाद्द पदार्थों के नाम भी बदलते जाएंगे. उत्तर भारत और पाकिस्तान में तो इसे सूजी के रूप में ही जाना जाता है. यहां सूजी शब्द प्रचलित है, जबकि दक्षिण भारत में इसे रवा के रूप में पहचाना जाता है. इसके अलावा सूजी थोड़ी पीसी हुई होती है, जबकि रवा थोड़ा दरदरा होता है.
सूजी का इस्तेमाल कई भारतीय व्यंजनों में किया जाता है, चाहे वे मीठे हों या नमकीन, इसे घोल में या मुख्य सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. सूजी का इस्तेमाल करने वाले कुछ डिश हैं- रवा डोसा, रवा इडली, रवा कचौड़ी, उपमा, रवा लड्डू और ढोकला.
सूजी यानी रवा में हैं कई पोषक तत्वसूजी में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, और सोडियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. WebMd के अनुसार, सूजी में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होती है, जो मांसपेशियों के लिए टॉनिक है. सूजी में विटामिन बी3 होता है जो कॉलेस्ट्रॉल को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
