नई दिल्ली:- सुबह अलार्म बजने के बाद भी आंखें नहीं खुलतीं, बार-बार स्नूज दबाकर फिर सो जाते हैं या उठने के बाद भी काफी देर तक सुस्ती बनी रहती है? अगर ऐसा अक्सर होता है तो सिर्फ अलार्म का समय बदलना काफी नहीं है। आपकी सोने की आदत, रात की दिनचर्या, मोबाइल का इस्तेमाल, खान-पान और सुबह की गतिविधियां भी इस समस्या से जुड़ी हो सकती हैं। अच्छी बात यह है कि रोजमर्रा की कुछ आदतों में धीरे-धीरे बदलाव करके सुबह समय पर उठने की आदत विकसित की जा सकती है।
सुबह जल्दी उठना सिर्फ समय पर बिस्तर छोड़ने का नाम नहीं है। इसके लिए रात को पर्याप्त और अच्छी नींद लेना भी उतना ही जरूरी है। अगर आप देर रात तक जागते हैं और सुबह जल्दी उठने की कोशिश करते हैं, तो शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। इसलिए सबसे पहले अपनी पूरी नींद और दिनचर्या को व्यवस्थित करना जरूरी है।
सबसे पहले तय करें सोने और उठने का समय
सुबह जल्दी उठने की आदत बनाने के लिए रोज एक निश्चित समय पर सोना और जागना सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। कोशिश करें कि आप रोज लगभग एक ही समय पर बिस्तर पर जाएं और सुबह भी एक तय समय पर उठें।
शुरुआत में अगर आप देर से उठते हैं तो अचानक बहुत जल्दी उठने का लक्ष्य न रखें। अपने जागने के समय को हर कुछ दिनों में 15 से 30 मिनट पहले करने की कोशिश करें। धीरे-धीरे शरीर नई दिनचर्या के अनुसार ढल सकता है।
रात में मोबाइल चलाने की आदत कम करें
कई लोगों की सुबह देर से उठने की शुरुआत रात में देर तक मोबाइल इस्तेमाल करने से होती है। बिस्तर पर जाने के बाद सोशल मीडिया, वीडियो या चैटिंग में समय बीत जाता है और सोने का समय आगे बढ़ता रहता है।
इसलिए सोने से पहले मोबाइल और अन्य स्क्रीन से दूरी बनाने की कोशिश करें। फोन को सिरहाने रखने के बजाय थोड़ी दूरी पर रखें, ताकि अलार्म बंद करने के लिए आपको उठना पड़े।
अलार्म को बार-बार स्नूज न करें
अलार्म बजते ही उसे बंद करके दोबारा सो जाना सुबह देर से उठने की आदत को मजबूत कर सकता है। अगर आपने उठने का समय तय किया है तो अलार्म बंद करने के बाद तुरंत बिस्तर से बाहर निकलने की कोशिश करें।
अलार्म को कमरे में ऐसी जगह रखा जा सकता है जहां उसे बंद करने के लिए आपको बिस्तर से उठना पड़े।
सुबह उठते ही पर्दे खोल दें
सुबह आंख खुलने के बाद कमरे में प्राकृतिक रोशनी आने दें। पर्दे खोलना या कुछ समय प्राकृतिक रोशनी में रहना शरीर की नींद-जागने की प्राकृतिक लय को व्यवस्थित रखने में मदद कर सकता है।
अगर संभव हो तो सुबह कुछ देर बाहर टहलना भी दिन की शुरुआत के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
उठने के बाद पानी पीने की आदत डालें
सुबह उठने के बाद पानी पीना दिन की शुरुआत का एक आसान तरीका है। रातभर सोने के बाद शरीर को पानी की जरूरत हो सकती है। एक गिलास पानी पीने के बाद कुछ हल्की गतिविधि करने से भी शरीर को सक्रिय महसूस करने में मदद मिल सकती है।
सुबह के लिए कोई पसंदीदा काम तय करें
अगर सुबह उठने के बाद करने के लिए कोई खास काम नहीं है तो बिस्तर छोड़ने का मन कम कर सकता है। इसलिए सुबह की एक छोटी सी दिनचर्या पहले से तय करें।
आप सुबह टहलना, योग, हल्का व्यायाम, पढ़ाई, अखबार पढ़ना या किसी पसंदीदा काम को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। इससे सुबह उठने के लिए एक सकारात्मक कारण मिलेगा।
रात का खाना बहुत देर से न खाएं
सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा या भारी भोजन करने से कुछ लोगों को पेट में भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है। इससे नींद प्रभावित हो सकती है और सुबह उठने में परेशानी हो सकती है।
कोशिश करें कि रात का भोजन सोने से कुछ समय पहले कर लिया जाए और खाने की मात्रा संतुलित रखी जाए।
शाम के बाद चाय-कॉफी पर रखें नजर
चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन कुछ लोगों में देर तक जागने की समस्या पैदा कर सकता है। अगर आपको रात में समय पर नींद नहीं आती तो शाम और रात के समय कैफीन का सेवन कम करने की कोशिश करें।
इसका असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है, इसलिए अपनी नींद के पैटर्न पर ध्यान देना जरूरी है।
दिन में शरीर को एक्टिव रखें
दिनभर बिल्कुल कम शारीरिक गतिविधि करने से भी रात की नींद प्रभावित हो सकती है। अपनी क्षमता के अनुसार रोज कुछ समय पैदल चलना, व्यायाम या योग करना दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है।
हालांकि सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा कठिन व्यायाम करने से कुछ लोगों को नींद आने में परेशानी हो सकती है। इसलिए व्यायाम का समय अपनी सुविधा के अनुसार रखें।
दिन में लंबी नींद लेने से बचें
अगर आप दिन में कई घंटे सोते हैं तो रात में जल्दी नींद आने में परेशानी हो सकती है। इससे रात देर से सोना और अगले दिन देर से उठना एक आदत बन सकती है।
जरूरत हो तो दिन में थोड़ी देर आराम किया जा सकता है, लेकिन लंबे समय तक सोने की आदत से बचना बेहतर है।
सोने से पहले दिमाग को शांत करें
कई बार शरीर थका हुआ होता है लेकिन दिमाग में दिनभर की बातें चलती रहती हैं। ऐसी स्थिति में नींद आने में समय लग सकता है।
सोने से पहले कुछ देर शांत बैठना, धीमी गति से सांस लेना, हल्की किताब पढ़ना या रिलैक्सेशन जैसी गतिविधियां की जा सकती हैं। इससे सोने से पहले मन को शांत करने में मदद मिल सकती है।
सुबह उठने के लिए ये छोटी आदतें भी काम आ सकती हैं
रात को अगले दिन के काम की छोटी सी सूची बना लें।
अलार्म बजते ही बिस्तर से उठने का नियम बनाएं।
सुबह उठते ही मोबाइल देखने से पहले पानी पिएं।
कमरे में सुबह पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी आने दें।
रोज उठने का समय बहुत ज्यादा न बदलें।
सप्ताहांत में भी अपनी नींद की दिनचर्या को पूरी तरह न बिगाड़ें।
दिनभर पर्याप्त शारीरिक गतिविधि रखें।
रात में सोने से पहले बहुत ज्यादा खाना और कैफीन लेने से बचें।
जल्दी उठने के चक्कर में नींद कम न करें
यह बात सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। सुबह जल्दी उठने के लिए रात की नींद कम करना सही तरीका नहीं है। अगर कोई व्यक्ति रोज देर रात तक जागता है और केवल अलार्म के भरोसे सुबह जल्दी उठता है, तो लंबे समय तक थकान और नींद की कमी की समस्या हो सकती है।
इसलिए लक्ष्य यह होना चाहिए कि समय पर सोएं, पर्याप्त नींद लें और फिर तय समय पर उठें। अधिकांश वयस्कों के लिए हर रात करीब 7 या उससे अधिक घंटे की नींद जरूरी होती है, हालांकि व्यक्तिगत जरूरत अलग हो सकती है।
अगर पर्याप्त नींद के बाद भी सुबह नहीं उठ पाते तो?
अगर आप पर्याप्त समय सोने के बावजूद लगातार सुबह उठ नहीं पाते, दिनभर बहुत ज्यादा नींद आती है, तेज खर्राटे आते हैं, रात में बार-बार नींद टूटती है या नींद की समस्या आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
कभी-कभी लगातार नींद की समस्या के पीछे तनाव, दवाइयां, नींद से जुड़ी परेशानी या कोई अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकता है। ऐसी स्थिति में खुद से नींद की दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
आज से शुरू करें ये छोटा बदलाव
अगर सुबह जल्दी उठने की आदत बनानी है तो एक साथ बहुत सारे बदलाव करने की जरूरत नहीं है। शुरुआत सिर्फ एक तय समय पर सोने और उठने से करें। इसके साथ रात में मोबाइल का इस्तेमाल कम करें और सुबह उठते ही कमरे की रोशनी बढ़ाकर थोड़ा चलें-फिरें।
कुछ दिनों तक लगातार इन आदतों को अपनाने से आपकी दिनचर्या अधिक व्यवस्थित हो सकती है। सुबह जल्दी उठने का सबसे आसान तरीका है रात की नींद को सही करना। जब शरीर को पर्याप्त आराम मिलेगा, तो समय पर जागना भी आसान हो सकता है।
