नई दिल्ली:– दिन की शुरुआत हमेशा हेल्दी आदतों व हेल्दी फूड से की जानी चाहिए। जब दिन की शुरुआत अच्छी होती है, तो पूरा दिन अच्छा होता है और साथ ही पूरे दिन शरीर एनर्जेटिक फील करता है।
लेकिन कई बार किन्हीं कारणों से हम अनजाने में ऐसी चीजें खा लेते हैं जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL का स्तर बढ़ा सकती हैं। लंबे समय तक ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से हृदय रोग, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यदि आपका कोलेस्ट्रॉल पहले से बढ़ा हुआ है या आप अपने हार्ट हेल्थ को लेकर सजग रहना चाहते हैं, तो इन पांच प्रकार के खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
बैड कौलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाले फूड्स
शुगर वाले सीरियल
नया दौर इंस्टेंट का है, जो चीजें जल्दी मिल जाती है या जल्दी बन जाती है, हम उसे तुरंत खा लेते हैं। बाजार में मिलने वाले कई ब्रेकफास्ट सीरियल्स में चीनी की मात्रा कई गुणा होती है, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट होते हैं, इनमें फाइबर की मात्रा न के बराबर होती है। इनका नियमित सेवन बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के साथ ब्लड शुगर को भी बढ़ा सकता है। इसकी बजाए फ्रेश होम कुक्ड मील खाना ज्यादा बेहतर होगा।
तली-भुनी चीजें
पूड़ी, कचौरी, समोसा या अन्य डीप फ्राइड नाश्ता स्वाद तो देते हैं, लेकिन साथ ही इनमें मौजूद सैचुरेटेड और अनहेल्दी फैट धमनियों में जमा हो जाता है, जिससे धीरे-धीरे कोलेस्ट्रॉल डिपॉजिट होने लगता है और सेहत को बड़ा नुकसान हो जाता है।
कुकीज और डोनट्स
अगर सुबह की चाय के साथ कुकीज या डोनट्स खाना आपकी आदत है, तो इसे समय रहते बदल लेने में ही समझदारी है। इनमें ट्रांस फैट, सैचुरेटेड फैट और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाकर हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकती है।
फुल-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स
दूध और डेयरी उत्पाद पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन फुल-फैट दूध, दही, मक्खन या चीज में सैचुरेटेड फैट अधिक होता है। यदि आपका कोलेस्ट्रॉल पहले से ही बढ़ा हुआ है, तो लो-फैट या फैट-फ्री डेयरी उत्पादों का चुनाव करना बेहतर चॉइस हो सकता है।
सफेद ब्रेड
कऊ घरों में सुबह की शुरुआत व्हाइट ब्रेड और बटर के साथ की जाती है। सफेद ब्रेड रिफाइंड मैदे से बनाई जाती है, जिसमें फाइबर की मात्रा बिल्कुल कम होती है। इसका सेवन ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकता है और समय के साथ कोलेस्ट्रॉल और हार्ट हेल्थ पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। इसकी जगह होल व्हीट या मल्टीग्रेन ब्रेड चुनना अधिक फायदेमंद है। भारतीय खानपान में कई प्रकार के ट्रेडिशनल ब्रेड ऑप्शन है, उन्हें भी अपनाया जा सकता है।
