नई दिल्ली. निवेश की बात की जाए तो अभी भारतीयों को सबसे ज्यादा भरोसा म्यूचुअल फंड में दिख रहा है. यहां थोड़ा भी धैर्य दिखाने वाले निवेशकों को अच्छा-खासा रिटर्न मिल जाता है. लांच टर्म की बात करें तो यह सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला विकल्प भी बन गया है. इसमें भी इक्विटी म्यूचुअल फंड ने अगस्त में भी अपनी मजबूत गति जारी रखी और थीम आधारित योजनाओं से मिले मजबूत योगदान से इनमें 38,239 करोड़ रुपये का निवेश हुआ.एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में दर्ज 37,113 करोड़ रुपये के शुद्ध प्रवाह से यह तीन प्रतिशत अधिक रहा. लगातार 42वें महीने से इक्विटी कोषों में शुद्ध प्रवाह जारी है. कोटक महिंद्रा एएमसी के राष्ट्रीय प्रमुख (बिक्री, विपणन तथा डिजिटल व्यापार) मनीष मेहता ने कहा, ‘एसआईपी (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और एनएफओ (नई कोष पेशकश) के प्रवाह के साथ शुद्ध प्रवाह उत्साहजनक बना हुआ है.
एनएफओ के कारण योजनाओं की क्षेत्रीय/विषयगत श्रेणी में मजबूत प्रवाह देखा गया.’ये भी पढ़ें – म्यूचुअल फंड से अच्छा ‘निफ्टी बीईएस’! 280 रुपये में शेयर बाजार की सारी कंपनियों में एक साथ निवेश, जानिए कैसेएनएफओ से खुलते हैं नए रास्तेएनएफओ निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड में एकमुश्त राशि आवंटन करने का पसंदीदा विकल्प लग रहा है. इन योजनाओं में निर्धारित समय अवधि में निवेश के लिए लचीलापन होता है. कुल मिलाकर, म्यूचुअल फंड उद्योग में समीक्षाधीन महीने में 1.08 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा 1.9 लाख करोड़ रुपये था.अब तक कुल कितना निवेशइन निवेश के साथ उद्योग के प्रबंधन के तहत शुद्ध परिसंपत्तियां अगस्त के अंत में बढ़कर 66.7 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गईं, जो जुलाई के अंत में 65 लाख करोड़ रुपये थीं. समीक्षाधीन महीने में इक्विटी स्कीम, सेक्टर या थीमैटिक फंड ने सबसे ज्यादा 18,117 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आकर्षित किया.
इस खंड में निवेश जुलाई में 18,386 करोड़ रुपये और जून में 22,352 करोड़ रुपये रहा था.डेट फंड में भी जमकर लगाए पैसेनिवेशकों की ओर से अगस्त में ऋण-उन्मुख योजनाओं यानी डेट फंड में 45,169 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ, जो पिछले महीने के 1.2 लाख करोड़ रुपये से 62 प्रतिशत कम है. इसकी वजह यह रही कि अब डेट फंड पर सरकार ने इंडेक्सेशन का लाभ देना बंद कर दिया है. हालांकि, अब भी लंबी अवधि के लिए निवेशकों को डेट फंड पर ज्यादा भरोसा है.
