सरगुजा रेंज में 76 एवं बिलासपुर जिले में 17 ईको कार के साइलेंसर कीमति 46.50 लाख की चोरी की घटना को दिया था अंजाम
पुलिस महानिरीक्षक,सरगुजा रेंज अजय कुमार यादव ने टीम को 25,000 रू० नगद पुरस्कार देने की घोषणा कर किया उत्साहित है।
कोरिया /जिले में विगत कुछ माह से मारूती इको कार के साइलेंसर चोरी की घटना लगातार बढ रही थी जिसे पकड़ने के लिए पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज अजय कुमार यादव द्वारा निर्देश दिया गया था,जिस पर पुलिस अधीक्षक,कोरिया कप्तान त्रिलोक बंसल द्वारा कार्ययोजना तैयार कर सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया था,इसी तारतम्य में थाना मनेन्द्रगढ़ में एक ही रात में चार इको कार के साइलेंसर चोरी करने की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल की कार्ययोजना अनुसार मनेन्द्रगढ़ से सभी दिशाओं में टीम रवाना की गई। रात्रि एक टीम द्वारा सिद्ध बाबा घाट के नीचे तीन व्यक्ति बैठे मिले जिन्हें थाना तलब कर पुछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम नीरल किन्ही,अंजीत खाखा, आशीष किन्डो बताया। उनके पास बैग की तालाशी लेने पर उनके बैग में 04 नग मारुती इको कार का साइलेंसर का टुकड़ा मिला,विस्तृत पूछताछ करने पर उन्होने सब्जी मंडी,मौहारपारा, चनवारीडांड से कुल 04 नग साइलेंसर चोरी करना कबूला तथा 02 नग साइलेंसर को सिद्ध बाबा घाटी मे छुपाना बताया,जिसे आरोपीयों की निशानदेही पर बरामद कर कब्जा पुलिस लिया गया।
जिले में अन्य स्थानों में भी इको गाडी का साइलेंसर चोरी हुई थी, इसलिए पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल द्वारा एसडीओपी मनेन्द्रगढ़ के नेतृत्व में टीम गठित कर पूछताछ की गई, पूछताछ दौरान आरोपियो ने बताया कि अम्बिाकपुर,सूरजपुर, बलरामपुर में भी अपने साथीयों के साथ 76 गाडीयों के साइलेंसर चोरी करने की बात कबूल की यह निर्धारित तरीके से रायगढ़ भेजने की बता बताई।
अपराधियों कार्ययोजनाः- आरोपी निरल,आशीष,अंजीत, थामस, प्रकाश,एवं चार अन्य साथी अम्बिकापुर मे रह कर मजदूरी का काम करते थे,आरोपी प्रकाश अन्य दो किसी काम से रायपुर गये,वहां उन्होने मारुती एको गाडी के साइलेंसर के बारे में जानकारी प्राप्त की,उन्हें पता लगा कि उपरोक्त साइलेंसर में कुछ कीमति पदार्थ (प्लेटिनियम,पैलेडियम और रेडियम का इस्ट) होता है जो काफी महंगा बिकता है,उन्होंने चोरी के पूर्व रायगढ़ के कबाडी से संपर्क किया और प्रति साइलेंसर 4,000 की दर से सौदा तय किया।आरोपी सरगुजा संभाग के सूरजपुर,अम्बिकापुर,बलरामपुर जिलों के निवासी थे,सभी को क्षेत्र की जानकारी थी।
निरल,अंजीत,थामस, आशीष एवं अन्य का काम रैकी करना व साइलेंसर चोरी करना था,सभी दोपहर में जिन स्थानों में चोरी करना होता था,पहुंच जाते थे,करीबन 8.00 से 11.00 बजे तक रैकी का काम करते थे,बाद देर रात्रि साइलेंसर चोरी कर सुनसान स्थानों पर साइलेंसर के टुकडे कर कीमति धातु को काट कर बैग में भर कर अम्बिकापुर पहुंचते थे, और वहां प्रकाश के रूम में पहुंचते थे फिर साइलेंसर के टुकडो को पार्सल बनाकर बस के माध्यम से रायगढ़ भेजते थे जहां रायगड में स्थित इनके साथी पार्सल रिसिव करते थे,जहां से पार्सल आगे जाता था।
अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरिया जिले मे 10, बलरामपुर जिले में 19,सरगुजा जिले में 08, सूरजपुर जिले में 12 एवं बिलासपुर जिले में 17 सहित कुल 66 प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध होने की जानकारी प्राप्त हुई है। अन्य चोरी के मामलो मे रिपोर्ट की जानकारी नहीं है, गैंग बड़े स्तर का है,ग्रामीण इलाको मे भी चोरी करने की बात सामने आई है, चूंकि गैंग के चोरी का दायरा बडा था, इसलिए अन्य जगहों में रिपोर्ट नहीं हुई होंगी,पकडे गये आरोपियों के आलावा अन्य आरोपीयों की गिर0 के लिए भी टीमें रवाना की गई है।
सम्पूर्ण कार्यवाही में कमलाकांत शुक्ला थाना प्रभारी चिरमिरी,सचिन सिंह थाना प्रभारी मनेन्द्रगढ़,सहायक उप निरीक्षक आर०एन० गुप्ता, प्रधान आरक्षक इस्तेवाक खान,आरक्षक जितेन्द्र ठाकुर,प्रमोद यादव,राकेश शर्मा,शस्नू यादव, हाफिज कुरैशी, सोनल पाण्डेय,विनित सोनी, ओमप्रकाश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
