नई दिल्ली:– नया फाइनेंशियल ईयर 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है और टैक्सपेयर्स ने अपनी प्लानिंग तेज कर दी है। हालांकि, कम आय वाले लोग अक्सर इस उलझन में रहते हैं कि यदि उनकी सालाना कमाई टैक्स स्लैब से कम है या Section 87A की छूट के बाद टैक्स शून्य हो जाता है, तो क्या उन्हें ITR भरना चाहिए?
अमूमन लोग टैक्स देनदारी न होने पर रिटर्न फाइल करने से बचते हैं, लेकिन वास्तव में शून्य आईटीआर (Zero ITR) दाखिल करना आपके भविष्य के लिए फायदे का सौदा हो सकता है। चाहे बैंक से लोन लेना हो या विदेश यात्रा के लिए वीजा आवेदन, आईटीआर आपकी वित्तीय साख को मजबूत करने का सबसे प्रामाणिक दस्तावेज है। आइए जानते हैं कि टैक्स न होने के बावजूद आईटीआर फाइल करना आपके लिए क्यों जरूरी है।
बैंक लोन मिलने में आसानी
जब आप कार लोन, होम लोन या पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक आपसे पिछले 2-3 सालों का ITR मांगते हैं। भले ही आपकी आय टैक्स स्लैब से कम हो, ITR आपकी आय का सबसे विश्वसनीय प्रमाण माना जाता है, जिससे लोन प्रोसेसिंग आसान हो जाती है।
विदेशी वीजा के लिए जरूरी
यदि आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो कई देशों के दूतावास (Embassies) वीजा आवेदन के साथ पिछले कुछ सालों का ITR मांगते हैं। यह इस बात का प्रमाण होता है कि आप अपने देश में एक जिम्मेदार नागरिक और टैक्सपेयर हैं।
टीडीएस (TDS) रिफंड पाने का एकमात्र रास्ता
कई बार बैंकों द्वारा आपकी एफडी (FD) के ब्याज पर या अन्य सेवाओं पर TDS काट लिया जाता है। यदि आपकी कुल इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती है, तो कटे हुए पैसे वापस पाने (Refund) के लिए ITR फाइल करना जरूरी है।
इंवेस्टमेंट पर बचा सकते हैं टैक्स
यदि आपको शेयर बाजार, बिजनेस या प्रॉपर्टी की बिक्री में घाटा हुआ है, तो आप उस नुकसान को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। इससे भविष्य में होने वाले मुनाफे पर टैक्स कम हो जाएगा। लेकिन इस सुविधा का लाभ तभी मिलता है जब आप समय पर ITR फाइल करें।
