)पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जम्मू कश्मीर में 6 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है. पहले चरण में कश्मीर में, अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां के चार जिलों के 16 विधानसभा क्षेत्रों में 155 उम्मीदवार चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. जदयू की तरफ से दो उम्मीदवार पहले चरण में उतारा गया है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि राष्ट्रीय पार्टी बनाने के लिए हम लोग लगातार काम कर रहे हैं और उसी के तहत दूसरे राज्यों में भी चुनाव लड़ रहे हैं.”जेडीयू को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिले, इसके लिए लगातार दूसरे राज्य में चुनाव लड़ रहे हैं. इसी के तहत जम्मू कश्मीर में भी चुनाव लड़ रहे हैं. पार्टी का वहां पहले से संगठन है.
बिहार में नीतीश कुमार ने जो काम किया है वह हमारा बड़ा आधार है, उसके बदौलत ही हम दूसरे राज्यों में चुनाव लड़ रहे हैं.”- राजीव रंजन प्रसाद, राष्ट्रीय प्रवक्ता, जदयूJDUराजीव रंजन प्रसाद, राष्ट्रीय प्रवक्ता, जदयू जे एंड के में कभी आठ विधायक थेः 1996 में जनता दल के आठ विधायक जम्मू कश्मीर में थे. 2001 के बाद से जदयू के तरफ से वहां चुनाव नहीं लड़ा गया है. 23 सालों बाद जदयू जम्मू कश्मीर में चुनाव लड़ने का फैसला किया है. जदयू की ओर से इससे पहले उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, झारखंड, दिल्ली, नागालैंड सहित कई राज्यों में विधानसभा का चुनाव लड़ा गया था. अधिकांश जगहों पर जदयू उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी.”हम लोग 6 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे.
2001 के बाद से नीतीश कुमार के नेतृत्व में कभी भी चुनाव नहीं लड़ा गया है, उससे पहले जब जनता दल था तो पार्टी ने कई सीटों पर चुनाव लड़ा था और आठ विधायक जम्मू कश्मीर में थे.”- जीएम शाहीन, जदयू प्रदेश अध्यक्ष, जम्मू कश्मीर
जीएम शाहीन, जदयू प्रदेश अध्यक्ष, जम्मू कश्मीर दूसरे दलों के बेटिकट उम्मीदवारों पर नजरः राजनीतिक विश्लेषक सुनील पांडे का कहना है कि जदयू का जम्मू कश्मीर में जनाधार नहीं है. जदयू का जो भी जनाधार है वह बिहार में है. इसलिए जदयू दूसरे राज्यों में जहां भी चुनाव लड़ा है मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश को छोड़कर अधिकांश जगहों पर इनके उम्मीदवारों की जमानत जब्त होती रही है. अब राष्ट्रीय पार्टी बनने का सपना संजोए हुए हैं, तो इसलिए जम्मू में भी भाग्य आजमा रहे हैं.”जनता दल यूनाइटेड की तरफ से यह कोशिश रहती है कि जो बड़ी पार्टियों हैं, उनके नेताओं को जब टिकट नहीं मिले तो पार्टी अपने सिंबल पर उन्हें चुनाव लड़वाये.
लेकिन इसमें भी अब तक जदयू को सफलता नहीं मिली है.”- सुनील पांडे, राजनीतिक विश्लेषकसुनील पांडे, राजनीतिक विश्लेषकसुनील पांडे, राजनीतिक विश्लेषक भाजपा से अलग है जदयू के सुरः बिहार में जदयू, एनडीए का हिस्सा है, लेकिन दूसरे राज्यों में बीजेपी से तालमेल नहीं होने के कारण अकेले चुनाव लड़ता है. जदयू, जम्मू कश्मीर में भी एनडीए से अलग चुनाव जदयू लड़ रहा है. पार्टी के नेताओं को उम्मीद है कि कुछ सीटें मिल जाएगी. जम्मू कश्मीर चुनाव प्रचार में नीतीश कुमार जाते हैं कि नहीं, इस पर पार्टी के नेता अभी कुछ नहीं बोल रहे हैं. कुछ वरिष्ठ नेताओं को भेजने की तैयारी हो रही है. जदयू ने जम्मू कश्मीर में पत्थर बाजी करने के आरोप में बंद लोगों की रिहाई का वादा किया है.
