नई दिल्ली: पिछले एक साल में चावल की खुदरा कीमतों में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस बीच उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मंगलवार को सरकार ने 29 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर ‘भारत चावल’ की पेशकश की। ‘भारत आटा’ और ‘भारत दाल’ के बाद सरकार ने इसे शुरू किया है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने पांच किलो और 10 किलो के पैक में उपलब्ध सब्सिडी वाले चावल को पेश किया। ऐसा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि आम लोगों के लिए दैनिक खाद्य पदार्थ सस्ती दरों पर उपलब्ध हों।
क्या है ‘भारत चावल’ जिसे सरकार ने शुरू किया है, स्कीम के बारे में यहां जानें सबकुछ
कैसा होगा चावल किस भाव से मिलेगा?कैसा होगा चावल किस भाव से मिलेगा? गोयल ने कहा, ‘जब थोक हस्तक्षेप (कीमतों को नियंत्रित करने के लिए) से अधिक लोगों को लाभ नहीं मिल रहा था तो मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत खुदरा हस्तक्षेप शुरू किया गया था।’ वह बोले कि खुदरा हस्तक्षेप के हिस्से के रूप में मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं और गरीबों को राहत देने के लिए चावल को ‘भारत ब्रांड’ के तहत 29 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुदरा बेचा जाएगा। प्रत्येक किलो ‘भारत चावल’ में पांच प्रतिशत टूटा चावल मिला होगा। सरकार के प्रयासों से पहले ही टमाटर और प्याज की कीमतों को तेजी से नीचे लाने में मदद मिली है।
चीजों को किफायती दर पर उपलब्ध कराने के लिए सक्रियचीजों को किफायती दर पर उपलब्ध कराने के लिए सक्रियमंत्री ने कहा, ‘जब से हमने ‘भारत आटा’ बेचना शुरू किया है, पिछले छह महीनों में गेहूं की मुद्रास्फीति शून्य रही है। वही प्रभाव हम चावल में देखेंगे।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मध्यम वर्ग के लोगों की थाली में जाने वाली वस्तुओं की कीमतें काफी स्थिर हैं। गोयल ने कहा, ‘सरकार रोजमर्रा की जरूरी चीजों को किफायती दर पर उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय है।’
