नई दिल्ली:– भारतीय रसोई में नमक सिर्फ स्वाद बढ़ाने का काम नहीं करता, बल्कि शरीर के लिए जरूरी खनिजों का भी महत्वपूर्ण स्रोत है। बाजार में मुख्य रूप से सफेद नमक, काला नमक और सेंधा नमक उपलब्ध हैं। तीनों का स्वाद, बनाने की प्रक्रिया और पोषण गुण अलग-अलग होते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस नमक का उपयोग कब और कैसे करना चाहिए और किस्से सेहत को ज्यादा फायदा मिलेगा।
अगर आप भी सफेद नमक , काला नमक और सेंधा नमक के बीच में कंफ्यूज हैं और इनके बारे में नही जानते हैं तो आज हम आपको बताते है सेंधा नमक, काला नमक और सफेद नमक में क्या है अंतर और और स्वास्थ्य के लिए बेहतर …
रॉक साल्ट (सेंधा नमक)
रॉक साल्ट, जिसे व्रत के दौरान उपयोग किया जाता है, प्राकृतिक खनिजों से भरपूर होता है. इसे शुद्ध माना जाता है क्योंकि इसमें आयोडीन या अन्य रसायन जैसे एडिटिव्स नहीं होते. यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने और पाचन स्वास्थ्य में सुधार करने में सहायक है. इसका उपयोग न केवल खाने में, बल्कि स्किन केयर और नहाने के अनुष्ठानों में भी होता है.
सेंधा नमक के फायदे
– सेंधा नमक भी पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है.
– काला नमक की तुलना में सेंधा नमक में आयोडीन कम होता है.
– सेंधा नमक का उपयोग सांस के रोगों के इलाज के लिए किया जाता है. जिन लोगों को बहुत ज्यादा कफ होता है, वो अगर सुबह की पहली चाय में सेंधा नमक मिलाकर पिएं तो कफ आसानी से बाहर आ जाता है.
– सेंधा नमक हीड्रोस्कोपिक होता है, जो शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है.
– यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट स्तर को नियंत्रित करता है, जिससे डिहाइड्रेशन को रोका जा सकता है.
– रॉक साल्ट मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द से राहत देने में सहायक माना जाता है.
आयुर्वेद में काला नमक अपने औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है. आयरन, पोटैशियम और अन्य खनिजों से भरपूर यह नमक पाचन समस्याओं, गैस और एसिडिटी को दूर करने में सहायक है. इसका हल्का तीखा स्वाद फल चाट और सलाद जैसे व्यंजनों के साथ अच्छा लगता है. काला नमक ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में भी सहायक माना जाता है. यह नमक पाचन को सुधारने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, वजन प्रबंधन में सहायक, और सांस संबंधी समस्याओं में राहत प्रदान करने में फायदेमंद होता है.
काला नमक के फायदे
गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर कर पेट के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है.
– नियमित रूप से काला नमक का सेवन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक होता है.
– यह नमक शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है, जिससे शरीर को डिटॉक्सिफाई किया जा सकता है.
– काला नमक मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है.
– आयुर्वेद के अनुसार, काला नमक अस्थमा और खांसी जैसी श्वास समस्याओं में फायदेमंद होता है.
सफेद नमक
सफेद नमक या टेबल साल्ट वह नमक होता है जिसे हम लोग अपने भोजन में इस्तेमाल करते हैं. यह नमक सभी घरों के किचन में मौजूद होता है. इस नमक को विभिन्न प्रक्रियाओं के द्वारा शुद्ध यानी रिफाइंड किया जाता है और इसमें आयोडीन का मिश्रण किया जाता है ताकि यह इंसान के खाने और स्वास्थ्य के अनुरूप बन सके. इस नमक को समुद्र से या नमक के खानो से निकाला जाता है और इसमें मौजूद अशुद्धियों को रिफाइंड करके हटाया जाता है. इस प्रक्रिया के दौरान इसमें मौजूद कई मिनरल्स और न्यूट्रिएंट्स नष्ट हो जाते हैं जिस कारण यह स्वास्थ्य के लिए उतना कारगर नही रह जाता है.
