फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होली का त्योहार मनाया जाता है. वहीं, होली से 8 दिन पहले होलाष्टक लग जाते हैं, जिसे हिंद धर्म में अशुभ माना गया है. होलाष्टक की शुरुआत 17 मार्च से हो चुकी है. ऐसे में इस दौरान अगर आप कुछ काम करते हैं तो उनसे आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.: फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन होली का त्योहार बड़ी धूमधमान से मनाया जाता है. होली से 8 दिन पहले होलाष्टक लग जाते हैं. हिंदू धर्म में होलाष्टक के इन 8 दिनों को अशुभ माना गया है. होलाष्टक के दौरान हमें बहुत सी सावधानियां बरतनी होती हैं और कुछ चीजें बिलकुल भी नहीं करने की सलाह दी जाती है. वहीं, इस दौरान कुछ कामों को करना बेहद शुभ माना गया है. ऐसे में ज्योतिषाचार्य देव नारायण शर्मा से आइए जानते हैं कि होलाष्टक के दौरान किन कामों से पहरहेज करें और क्या काम इस दौरान कर सकते हैं.होलाष्टक के दौरान क्या न करें?होलाष्टक में किसी भी तरह का कोई शुभ काम जैसे गृह प्रवेश, विवाह, मुंडन, जनेऊ आदि नहीं करना चाहिए. साथ ही इन दिनों बाजार से कोई भी नई चीजें नहीं खरीदनी चाहिए. फिर चाहे वो सोना-चांदी हो या नया वाहन या फिर घर के लिए कोई भी नया सामान. ऐसा करने से उस काम में शुभ परिणाम देखने को नहीं मिलते हैं.होलाष्टक के दौरान किसी खास कार्य हेतु अगर यज्ञ या हवन करने की सोच रहे हैं, तो उसे करने से बचें. होलाष्टक में नियमित पूजा कर सकते हैं, लेकिन यज्ञ या अनुष्ठान की होलाष्टक में मनाही है क्योंकि ये 8 दिन नकारात्मक ऊर्जा के अपने चरम पर होने के दिन होते हैं. अगर आप हवन या कोई मांगलिक कार्य कराना चाहते हैं तो आप होली के बाद कर सकते हैं.होलाष्टक के दौरान नया कारोबार शुरू नहीं करना चाहिए यानी कि इस दौरान किसी भी प्रकार के निवेश या पैसे के लेन-देन से बचना चाहिए. इसके अलावा होलाष्टक में नए घर में प्रवेश करने की सोच रहे हैं तो रुक जाएं, वरना ऐसा करना घर आपके लिए नुकसान लेकर आ सकता है. होलाष्टक के दौरान बहू-बेटी की विदाई करने से भी बचना चाहिए.होलाष्टक के दौरान क्या करें?होलाष्टक के दौरान भगवान विष्णु के अवतार नरसिंह भगवान की पूजा करें और उनके स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. इसके अलावा, राधा कृष्ण की पूजा करना भी शुभ माना गया हैय होलाष्टक में भजन-कीर्तन करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इसलिए इस दौरान ज्यादा से ज्यादा भजन कीर्तन करें.होलाष्टक के दौरान लड्डू गोपाल की पूजा करें और लड्डू गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ भी करें. ऐसा कहा जाता है कि गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करने से जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मकता संचार करता है. साथ ही इसके पाठ से व्यक्ति के सभी रुके-बिगड़े काम बनने लगते हैं.
