छत्तीसगढ़:- रेतावंद गांव में धर्मांतरण के शक को लेकर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई. ग्रामीणों ने ओडिशा से आए पास्टर और उनकी पत्नी के साथ जमकर मारपीट कर दी. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
बस्तर जिले में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर बवाल देखने को मिला, जिले के रेटावंड गांव में धर्मांतरण के शक में पास्टर के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है. यह घटना रविवार की है. मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद घटना का खुलासा हुआ है.
उड़ीसा निवासी पास्टर
जानकारी के अनुसार उड़ीसा निवासी पास्टर किशोर बत्रा मूलतः उड़ीसा का निवासी है. पास्टर किशोर बत्रा के अनुसार वह गांव में पिछले कई वर्षों से रह रहा है. रविवार को कुछ ग्रामीणों ने गांव का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की गई. इस दौरान पास्टर की पत्नी को भी भीड़ ने पीटा, पास्टर के इस पूरी घटनाक्रम का जिम्मेदार एक पुलिस कर्मी को बताया है. जिसके भड़काने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हुए.
पुलिस ने लोगों को कराया शांत
वहीं घटना की जानकारी लगते ही बस्तर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और माहौल को शांत कराया दोनों पक्षों को थाने लेकर जाकर समझाया गया, बताया जा रहा है कि इस दौरान पास्टर परिवार ने गांव छोड़ने पर अपनी सहमति दी. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में चर्चा और भी बढ़ गई है.
क्या बोले आदिवासी समाज के प्रांतीय अध्यक्ष?
वहीं इस पूरे मामले में सर्व आदिवासी समाज के प्रांतीय अध्यक्ष राजा राम तोड़ेम का कहना है कि धर्मांतरण विरोधी कानून आने के बाद ग्रामीण जागरूक हुए है और उन्होंने धर्मांतरण का विरोध किया. जिसकी वजह से मारपीट की घटना हुई. राजा राम तोड़ेम का कहना है कि धर्मांतरण करने वालों को पकड़ कर पुलिस के हवाले करना चाहिए, ताकि नए कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित हो.
