रायपुर:– 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है. 2 जून तक यानी 9 दिनों तक जोरदार गर्मी पड़ेगी. वर्तमान में कई जिलों में झुलसाने वाली गर्मी जारी है. लोग हीटवेव का भी शिकार भी हो रहे हैं. नौतपा में इस बार तापमान 44 से 46 डिग्री तक तापमान बना रह सकता है. नौतपा के 9 दिनों में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है. कहते हैं कि नौतपा में जितनी ज्यादा गर्मी पड़ती है, उतनी बढ़िया बारिश मानसून में होती है।
छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री कब मौसम वैज्ञानिक ने बताया
दक्षिण पश्चिमी मॉनसून अपनी पहली संभावित तारीख पर केरल में दस्तक नहीं देगा। अब साफ हो गया है कि मॉनसून 26 मई को नहीं आ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, केरल में मॉनसून अपने सामान्य समय पर ही आएगा। हालांकि, केरल के कुछ जिलों में झमाझम बारिश हो रही है, लेकिन यह मॉनसून के मानकों के अनुरूप नहीं है।
केरल में मानसून की सामान्य तारीख 1 जून है, लेकिन अभी फेवरेबल कंडीशन नहीं बना है, IMD इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है. मानसून के लिए फेवरेबल कंडीशन होते ही आईएमडी डिक्लियर करेगा. छत्तीसगढ़ में मानसून आने की सामान्य तारीख वैसे 12 जून है, लेकिन केरल में मानसून आने के बाद 10 दिनों का समय छत्तीसगढ़ तक पहुंचने में लगता है। छत्तीसगढ़ में दक्षिण पश्चिम मानसून के लिए फेवरेबल कंडीशन होने चाहिए तभी बताया जा सकता है कि
छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री कब होगी।
छत्तीसगढ़ मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 4 दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लू चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. चार दिनों के बाद फिर एक बार प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा, ऐसा मौसम विभाग का कहना है. मौसम विभाग की मानें तो इन 4 दिनों में बादल गरजने से लेकर तेज हवाएं तक चलेंगी. इसकी वजह से अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी.
जारी मॉनसून बुलेटिन में आईएमडी ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों में मॉनसून दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्व अरब सागर, कामोरिन क्षेत्र, दक्षिण पश्चिम, दक्षिण पूर्व और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इसके लिए स्थितियां अनुकूल है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि मॉनसून दो से तीन दिनों में केरल नहीं पहुंच रहा है।
एक जून को ही मॉनसून देगा दस्तक
सामान्य तौर पर मॉनसून एक जून को केरल में दस्तक देता है। आईएमडी समेत कई मौसम एजेंसियों ने यह दावा किया था कि मॉनसून समय से पहले इस बार भारत में दस्तक दे सकता है। इस बीच केरल और माहे में कुछ जगहों पर 11 से 20 सेंटीमीटर, तमिलनाडु, पुडुचेरी और करिकल सब हिमालयन वेस्ट बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश हुई है।
46 डिग्री से अधिक रहा 11 शहरों का पारा
10 दिनों से उत्तर भारत, मध्य भारत समेत कुछ अन्य इलाकों के शहर भट्टी की तरह तप रहे है। सोमवार को भी स्थिति यही रही। राजधानी का न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री क स्तर पर पहुंच गया। यह 14 साल के दौरान मई की सबसे गर्म रात रही। वहीं, 31 शहरों का तापमान 45 डिग्री से अधिक रहा। बांदा, ब्रहमपुरी और खुजराहो देश में सबसे गर्म बने रहे।
उत्तर प्रदेश के बांदा का तापमान 47.6 डिग्री, ब्रहमपुरी का तापमान 47.6 डिग्री और खुजराहो का तापमान 47.2 डिग्री रहा। 11 शहरों का तापमान 46 या इससे अधिक रहा। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक गर्मी इसी तरह रहेगी।
