छत्तीसगढ़:- बिलासपुर में अचानक आए एक भीषण तूफान और उसके साथ हुई भारी बारिश ने पूरे शहर में अफरा-तफरी मचा दी है. मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण शुरू हुए इस आंधी-बारिश ने कई इलाकों में पेड़ों को जड़ से उखाड़ दिया, जिससे वे सड़कों पर गिर गए और यातायात बाधित हो गया.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मौसम ने अचानक ऐसा पलटा खाया कि पूरा शहर मानो थम सा गया. 5 मई शाम करीब 6:30 बजे मूसलाधार बारिश के साथ जोरदार तूफान शुरू हो गया, जिससे कुछ ही पलों में हालात तेजी से बिगड़ गए. तूफानी हवाओं का जोर इतना ज्यादा था कि शहर के कई हिस्सों में पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह से ठप हो गई. नेहरू चौक पर खड़ी एक इनोवा कार तब बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जब उस पर एक विशाल पेड़ आ गिरा. हालांकि गनीमत रही कि इसमें किसी की जान नहीं गई. आंधी के दौरान बिजली के तार टूट जाने की वजह से पूरे शहर में लगभग नौ घंटे तक अंधेरा छाया रहा.
सड़कों पर बिछ गए पेड़
विभिन्न जगहों पर पेड़ गिरने के कारण तालापारा, मगरपारा, पुराना बस स्टैंड, तेलीपारा और नेहरू चौक जैसे प्रमुख इलाकों में सड़कें बंद हो गईं और यातायात बाधित हो गया. विशेष रूप से नेहरू चौक पर सड़क किनारे खड़ी एक इनोवा कार पर एक विशाल पेड़ गिर गया, जिससे वह गाड़ी पूरी तरह से चकनाचूर हो गई. हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं आई है.
9 घंटे तक छाया अंधेरा
तेज आंधी और बारिश ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी प्रभावित किया. पूरे शहर की बिजली गुल हो गई, और बिलासपुर लगभग नौ घंटों तक अंधेरे में डूबा रहा. मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने प्रशासन और नागरिकों, दोनों को ही सतर्क कर दिया है. साथ ही इसने भविष्य में भी सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित किया है.
छत्तीसगढ़ में 2 दिन आंधी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी, गरज, बिजली कड़कने और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. इस दौरान हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल सकती हैं.
