नई दिल्ली:- संसद सत्र के बीच मंगलवार को NDA सांसदों की ‘मंगल मिलन’ बैठक ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। संसद परिसर में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत गठबंधन के कई नेता तिरंगा हाथ में लिए नजर आए। बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष के साथ हुई। बैठक में संसद की आगामी कार्यवाही को लेकर गठबंधन की रणनीति पर मंथन किया गया। इसके साथ ही झारखंड में छात्रों से जुड़े प्रदर्शन के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी दिखाई दी। NDA सांसद इस मुद्दे के जरिए विपक्ष को घेरने की रणनीति बना सकते हैं।
तिरंगे के साथ NDA सांसदों ने दिया एकजुटता का संदेश
संसद पुस्तकालय में हुई ‘मंगल मिलन’ बैठक के दौरान NDA सांसदों के बीच एकजुटता का संदेश देने पर जोर रहा। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह सहित कई नेता हाथों में तिरंगा लेकर दिखाई दिए। ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष के साथ शुरू हुई बैठक में संसद सत्र के दौरान सरकार और गठबंधन के सांसदों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर चर्चा हुई। महत्वपूर्ण विधेयकों और विपक्ष के मुद्दों पर सदन में किस तरह सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जाए, इसे लेकर भी रणनीति तैयार की गई।
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन पर NDA का फोकस
बैठक के दौरान झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा भी चर्चा में रहा। NDA सांसद झारखंड सरकार पर छात्रों के साथ कथित तौर पर किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठाने की तैयारी में हैं। संसद परिसर में इस मुद्दे से जुड़े पोस्टर भी नजर आने की बात सामने आई है। सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष पर छात्रों से जुड़े विषय पर चर्चा से बचने का आरोप लगाए जाने की संभावना है। NDA इस मुद्दे को संसद में उठाकर विपक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है।
संसद की कार्यवाही के लिए बनाई जा रही रणनीति
‘मंगल मिलन’ बैठक NDA के घटक दलों के बीच संसदीय समन्वय का अहम मंच मानी जाती है। संसद सत्र के दौरान गठबंधन के सांसदों की सदन में उपस्थिति और महत्वपूर्ण बहस में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाता है। बैठक में अलग-अलग सहयोगी दलों के सांसदों को प्रमुख मुद्दों पर अपनी बात रखने की जिम्मेदारी देने और विधेयकों पर सरकार का समर्थन सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर भी चर्चा होती है।
क्या है NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक?
‘मंगल मिलन’ NDA की नियमित संसदीय रणनीति बैठक का नया स्वरूप है। इसका उद्देश्य गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच समन्वय बढ़ाना और संसद की कार्यवाही के लिए साझा रणनीति तैयार करना है। इस बैठक में भाजपा के साथ NDA के विभिन्न सहयोगी दलों के सांसद भी शामिल होते हैं। संसद सत्र के दौरान यह बैठक सरकार के सामने आने वाले राजनीतिक और संसदीय मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मंच बन जाती है।
पिछली बैठक में भी उठे थे विकास और रोजगार के मुद्दे
इससे पहले हुई ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद भाजपा सांसदों ने सरकार के कामकाज, विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी थी। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने रोजगार की स्थिति में सुधार और गरीबी में कमी का दावा किया था। वहीं सांसद मनोज तिवारी ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि बैठक में देश के विकास और सरकार की उपलब्धियों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मौजूदा बैठक में भी NDA की कोशिश संसद में गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने और विपक्ष के सवालों का राजनीतिक एवं संसदीय जवाब देने की रणनीति को मजबूत करने की है।
