नई दिल्ली:– कॉमेडियन समय रैना के चर्चित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का एक नया एपिसोड एक बार फिर विवादों में आ गया है। शो में रोस्टिंग के दौरान बिहार और कश्मीरी पंडित समुदाय से जुड़ी टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मामले में कुछ राजनीतिक नेताओं और संगठनों ने भी आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
शो के एपिसोड में पैनलिस्ट शेरोन वर्मा के साथ बातचीत और रोस्टिंग के दौरान समय रैना ने उनकी बिहारी पृष्ठभूमि को लेकर टिप्पणी की। इसके जवाब में शेरोन वर्मा ने समय रैना की कश्मीरी पंडित पहचान को लेकर पलटवार किया। बातचीत के दौरान कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के पलायन से जुड़े संदर्भ को लेकर की गई टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया।
सोशल मीडिया पर संबंधित क्लिप वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने दोनों टिप्पणियों पर नाराजगी जताई। आलोचकों का कहना है कि किसी समुदाय की पहचान, पलायन और ऐतिहासिक पीड़ा को कॉमेडी का विषय बनाना संवेदनशील मुद्दा है। वहीं, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इसे रोस्ट कॉमेडी के दायरे में भी देख रहे हैं।
मामले में बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कथित रूप से आपत्ति जताते हुए बयान दिया है। वहीं, महाराष्ट्र के विधायक राम कदम ने भी शो को लेकर कार्रवाई और प्रतिबंध की मांग की है। जम्मू-कश्मीर से जुड़े कुछ संगठनों ने कश्मीरी पंडितों के पलायन और उनके दर्द को कॉमेडी का विषय बनाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है।
समय रैना स्वयं कश्मीरी पंडित समुदाय से आते हैं और इससे पहले सार्वजनिक मंचों पर अपने परिवार के कश्मीर से पलायन का उल्लेख कर चुके हैं। दूसरी ओर, शेरोन वर्मा बिहार से मुंबई आकर मनोरंजन क्षेत्र में काम कर रही हैं। शो में दोनों के बीच हुई रोस्टिंग अब सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस का विषय बन गई है।
फिलहाल, समय रैना या शो की टीम की ओर से इस ताजा विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, यह मामला एक बार फिर कॉमेडी की स्वतंत्रता और संवेदनशील सामाजिक मुद्दों के बीच सीमा तय करने को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।
