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नई दिल्ली:– भारत के बारे में वो सच जिसे कबूल करने से पश्चिमी देश झिझकते रहते हैं रूसी राष्ट्रपति भवन ने डंके की चोट पर वो बातें कही हैं। क्रेमलिन ने खुलकर वह बात कही जिसे पश्चिम भारत के मामले में नजरअंदाज करना पसंद करता है। क्रेमलिन ने कहा है कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा तेजी से विकास करने वाला देश है। पश्चिमी देश इस सच को स्वीकार तो करते हैं लेकिन राजनीतिक दांव पेंच अपनाकर भारत की शानदार उपलब्धि को कम करने की कोशिश करते हैं। वो जियो पॉलिटिकल खेल में भारत की विकास की रफ्तार को उलझाने की कोशिश करते हैं।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने एक इंटरव्यू में कहा है कि ‘भारत दुनिया में सबसे तेज़ी से विकास कर रहा है।’ उन्होंने रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी स्पुतनिक को दिए एक इंटरव्यू में कहा ‘सिर्फ 25 सालों में भारत ने सामाजिक और आर्थिक विकास में बहुत बड़ी तरक्की की है।’ उन्होंने आगे कहा ‘पीएम मोदी असाधारण रूप से सफल रहे हैं।’ क्रेमलिन ने सार्वजनिक रूप से माना है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के साथ एक स्वतंत्र वैश्विक शक्ति के तौर पर काम करता है और यह एक ऐसी सच्चाई जिसे पश्चिमी देश अक्सर कम करके आंकते हैं।
रूस ही है भारत का सच्चा दोस्त
रूस दशकों से भारत का सच्चा दोस्त रहा है और उसने बार बार अपनी दोस्ती साबित की है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगातार इस बात पर जोर देते हे हैं कि भारत एक बड़ी वैश्विक शक्ति है। वो कई बार कह चुके हैं कि पश्चिमी देश अब नई दिल्ली से उस तरह बात नहीं कर सकते या उसकी विदेश नीति तय नहीं कर सकते जैसा वे पहले करते थे। मॉस्को खुलकर कहता है कि भारत या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपनी रणनीतिक साझेदारियों को छोड़ने या ऊर्जा खरीद के तरीकों को बदलने के लिए दबाव डालना बेकार है और इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नुकसान पहुंचता है।
