नई दिल्ली:– देश में रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाने की दिशा में रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुंबई और बेंगलुरु के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन सेवा को मंजूरी दे दी है। यह देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत होगी। यह ट्रेन रातभर का सफर तय करेगी और यात्रियों को तेज व आरामदायक यात्रा का विकल्प प्रदान करेगी।
इस नई सेवा का संचालन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (मुंबई) से केएसआर बेंगलुरु रेलवे स्टेशन के बीच किया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी भाजपा सांसद पीसी मोहन को लिखे पत्र में दी। रेल मंत्री के इस फैसले का महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी आभार व्यक्त किया।
इन शहरों से होकर गुजरेगी ट्रेन
सूत्रों के अनुसार, यह वंदे भारत (Vande Bharat) कुछ मुख्य शहरों से होकर गुजरेगी। यह ट्रेन पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी, रायचूर और गुंटकल जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इसकी खास बात यह है कि यह वंदे भारत वर्तमान में इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों की तुलना में यह सेवा अधिक तेज और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी।
देशभर में 12 स्लीपर वंदे भारत का लक्ष्य
रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक देशभर में कम से कम 12 स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें शुरू करने का है। यह पहल लंबी दूरी की यात्रा को अधिक सुविधाजनक और तेज बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। इससे पहले कामाख्या-हावड़ा रूट पर शुरू हुई स्लीपर वंदे भारत को यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिला है, जिससे इस नई सेवा को लेकर भी उम्मीदें बढ़ गई हैं।
सीएम फडणवीस ने जताया आभार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सेवा मुंबई और बेंगलुरु जैसे दो प्रमुख महानगरों के बीच यात्रा को और आसान बनाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी ट्रेन
नई स्लीपर वंदे भारत (Vande Bharat) ट्रेन में यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यह ट्रेन न केवल यात्रा का समय कम करेगी, बल्कि आरामदायक और सुरक्षित सफर का अनुभव भी प्रदान करेगी।
वंदे भारत का बढ़ता नेटवर्क
गौरतलब है कि भारत में पहली वंदे भारत (Vande Bharat) ट्रेन सेवा वर्ष 2019 में नई दिल्ली से वाराणसी के बीच शुरू हुई थी। इसके बाद से इस नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और भारतीय रेलवे लगातार नए रूट जोड़ रहा है।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, इस सेवा के जरिए अब तक करोड़ों यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिल चुका है, जिससे इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
