कोरबा / आदिवासी एवं विशेष संरक्षित आदिवासी जनजाति बाहुल्य वनांचल क्षेत्र कोरबा में युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे से दूर करने एवं नशे के दुष्परिणाम से जागरूक कर अवगत कराने देश की आज़ादी के पचहत्तरवें वर्षगांठ पर प्रारंभ किये गये “आज़ादी के अमृत महोत्सव” की कड़ी में ” बिसाहू दास मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर रविकांत जाटवर की प्रेरणा एवं पहल से अभियान का शुभारंभ 26जून अन्तर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर किया गया ।
शुभारंभ अवसर पर डॉ जाटवर ने अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस का महत्व बताते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा पारित प्रस्ताव अनुसार हर वर्ष 26 जून को अंतरार्ष्ट्रीय नशा व मादक पदार्थ निषेध दिवस मनाया जाता हैं । यह एक अलग तरह लोगों में चेतना फैलाता हैं वहीं दूसरी ओर नशे के शिकार हो चुके लोगों के उपचार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य करता हैं । कोरबा की युवा पीढ़ी तथा युवाओं को नशे से दूर करने हेतु समाज के सभी वर्गों तथा समुदाय को आगे आकर युवाओं तथा विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिये “आज़ादी-नशा से”अभियान से स्वेच्छिक़ भाव से जुड़कर देश की भावी पीढ़ी को बचाने के लिये आह्वान किये।
विशेषत: विद्यार्थियों के पालकों तथा सामाजिक संस्थाओं,आध्यात्मिक संस्थाओं को आगे आकर नगरी विकास खण्ड को नशामुक्त बनाने के लिये कार्य करने की अपील की । इस अवसर पर ब्रम्हकुमारी राजयोगिनी माधुरी बहन ने “आज़ादी-नशा से” अभियान को अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करते हुए युवाओं एवं विद्यार्थियों को ध्यान , योग से नसा मुक्त में पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया । सभी समाज के प्रमुखजनों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी लोगों सहित “आज़ादी-नशा से” अभियान में बैठक आयोजित की जाकर समाज और समुदाय में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का आगाज़ किया गया। इस अवसर पर समस्त डॉक्टर स्टाफ नशे से पीड़ित उपचारार्थी क्षेत्रीय जन सहित युवागण उपस्थित थे ।