रायपुर | (Rajiv Gandhi Jayanti) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजीव गाँधी जयंती के अवसर पर राजीव गाँधी किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि अंतरण की है. इसके साथ ही उन्होंने अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सद्भावना दिवस की शपथ दिलाई है.

सीएम भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की जयंती ‘सद्भभावना दिवस’ के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है.Chhattisgarh state cabinet(Rajiv Gandhi Jayanti) सीएम बघेल ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को सद्भावना दिवस की शपथ दिलाई. साथ ही सभी ने जाति, सम्प्रदाय, क्षेत्र, धर्म और भाषा का भेदभाव किए बिना सभी भारतवासियों की भावनात्मक एकता और सद्भावना के लिए कार्य करने और हिंसा का सहारा लिए बिना सभी प्रकार के मतभेद बातचीत और संवैधानिक माध्यमों से सुलझाने की शपथ ली.

मुख्यमंत्री बघेल ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की खरीफ वर्ष 2021 की दूसरी किश्त के तहत 26 लाख 21 हजार किसानों को इनपुट सब्सिडी के रूप 1,745 करोड़ रूपए की राशि उनके बैंक (Rajiv Gandhi Jayanti) खातों में ट्रांसफर की. इससे पूर्व 21 मई 2022 को राज्य के किसानों को इस योजना की प्रथम किस्त के रूप में 1,745 रूपए का भुगतान किया गया था
.आज द्वितीय किस्त के भुगतान की गई राशि को मिलाकर किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के शुरू होने के बाद से अब तक 14 हजार 665 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है. इस योजना में खरीफ 2019 में 18.43 लाख किसानों को 4 किस्तों में इनपुट सब्सिडी के रूप में 5627 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया.chhattisgarh government posterखरीफ वर्ष 2020 के 20.59 लाख किसानों को 5553 करोड़ रूपए की इनपुट सब्सिडी दी जा चुकी है.
किसानों को फसल लागत मूल्य कम करने,उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए इनपुट सब्सिडी की यह राशि दी जा रही है.गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों की राशि हस्तांतरित(Rajiv Gandhi Jayanti) सीएम ने गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5 करोड़ 24 लाख रूपए का भुगतान किया. इस राशि में से गोबर विक्रेताओं को 2.64 करोड़ रूपए और गौठान समितियों के साथ स्व-सहायता समूह को 2.60 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया.

वाले ग्रामीणों को योजना शुरू होने के बाद से अब तक 155.60 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है. गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को अब तक 154.02 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है. राज्य में 8,408 गौठान निर्मित है. गोधन न्याय योजना से 2 लाख 52 हजार से अधिक पशुपालक ग्रामीण गोबर बेच कर सीधे लाभान्वित हो रहे हैं. इनमें 1 लाख 43 हजार से अधिक भूमिहीन शामिल हैं.छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना देश-दुनिया की इकलौती योजना है, जिसके तहत गौठानों में 2 रूपए किलो की दर से गोबर तथा 4 रूपए लीटर की दर से गौमूत्र की खरीदी की जा रही है.गोधन न्याय योजना के तहत हितग्राहियों को अब तक 335 करोड़ 24 लाख रूपए दिए जा चुके हैं. गौठानों से जुड़ी महिला समूहों को 78.62 करोड़ रूपए की आमदनी हो चुकी है.